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Breaking News: राघव चड्दा ने भगवंत मान पर FIR दायर की मांग, सिख गुरुओं के वीडियो विवाद की नई कसौटी
🕒 1 hour ago

पंजाब में सिख गुरुओं के वीडियो को लेकर विवाद नई तीव्रता पर पहुँच गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर हंगामा तब शुरू हुआ जब एक सामाजिक मीडिया पर विवादास्पद वीडियो प्रसारित हुआ, जिसमें मान को सिख गुरुओं के प्रति तिरस्कारपूर्ण टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया। इस वीडियो को लेकर विपक्षी दल ने तीखी आवाज़ उठाई और मान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का इशारा किया। इस बीच, उत्तर प्रदेश के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता राघव चड्ढा ने इस मामले को राजनीतिक मोर्चे पर ले जाकर, मान के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दाखिल करने की मांग की है। चड्ढा ने कहा कि "AAP ने फोरेंसिक रिपोर्ट बनाकर इस मामले को षड्यंत्रित किया है" और इसे एक राजनीतिक साजिश बताया। मुख्य विरोधी दलों ने इस वीडियो को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कर मान की नैतिकता पर सवाल उठाए। जबकि मान ने इस बात से इंकार किया कि वह इस वीडियो में दिखे हैं और कहा कि यह पूरी तरह से फर्जी है। पुलिस ने भी CCTV फुटेज जारी किया, जिसमें दो पंजाब पुलिस अधिकारियों को गुरुग्राम के एक होटल में दिखाया गया, जो इस वीडियो के निर्माण या वितरण में शामिल हो सकते हैं। इस फुटेज ने यह सवाल खड़ा किया कि क्या यह घटना मूल रूप से पुलिस के अंदरूनी साजिश है या बाहरी दलों की धस्त-त्रस्त साजिश। राघव चड्ढा ने इस विवाद को लेकर राजनैतिक मंचों में तीखी लहरें चलाने का इरादा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि "यदि यह फर्जी रिपोर्ट सिद्ध नहीं हो पाई तो मान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अनिवार्य होगी" और साथ ही उन्होंने मान को इस्तीफा देने का भी आग्रह किया। इस बीच, मान की पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AAP), ने इस आरोप को झुठला कर कहा कि फॉरेन्सिक रिपोर्ट का दावा उनके द्वारा ही किया गया था, यह ‘फ़र्जी’ और ‘भ्रामक’ सबूत पेश किया गया है। यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुका है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह विवाद आगामी विधानसभा चुनाव के सामने आ रहा है और राजनीतिक पक्षों के लिए यह एक दांव है। यदि FIR दर्ज होती है, तो यह मान के राजनैतिक करियर पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है, जबकि विपक्ष के लिए यह एक बड़ी जीत होगी। वहीं, मान के समर्थकों ने कहा कि यह सभी आरोप निराधार हैं और न्यायपालिका को इस मामले की पूरी जाँच करनी चाहिए। समापन में कहा जा सकता है कि सिख गुरुओं के वीडियो विवाद ने पंजाब और राष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ ही पेश कर दिया है। राघव चड्ढा की FIR की मांग, मान का इनकार और पुलिस के CCTV फुटेज ने इस मुद्दे को तीनों पक्षों के बीच सहारा दिया है। आगे क्या होते हैं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि न्यायपालिका और पुलिस इस मामले में कितनी शीघ्रता और निष्पक्षता से काम करती है। यदि सबूतों की सच्चाई सामने आती है, तो यह घटना भारतीय राजनीति में एक और बड़ी सीख के रूप में दर्ज हो सकती है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 25 Jun 2026