पुने के लोहगड़ किले के आसपास हाल ही में हुई एक भयानक गड़बड़ी ने स्थानीय पुलिस और जनता को हिलाकर रख दिया है। एक रियल्टर की मौत के बाद, उसकी मंगेतर और उसकी प्रेमी दोनों को 29 जून तक के लिए पुलिस हिरासत में रख लिया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब मंगेतर ने अपने पूर्व प्रेमी को लेकर हत्या के आरोप में धारा 302 की अंडरटेकिंग पर साक्ष्य पेश किए। घटना की पूरी जानकारी के अनुसार, मृतक रियल्टर की बॉडी किले की गहरी खाई में मिली, जहाँ से यह स्पष्ट था कि वह किसी ने धक्का मारकर गिराया था। सुरागों के आधार पर पुलिस ने कुशलता से तीन प्रमुख संदिग्धों की पहचान की: मृतक की मंगेतर, उसकी प्रेमिका, और एक अजनबी जिसके पास संदेहास्पद हड्डियों के निशान मिले। जांचकर्ताओं ने पाया कि मंगेतर ने अपने महंगे इंस्टाग्राम अकाउंट पर आने वाले दिन, "जन्मदिन पर मेरे साथ कोई नहीं था" जैसी कहानी पोस्ट की थी, जिससे मोतीभरी साजिश पर सवाल उठे। साक्ष्य की खोज में पुलिस ने मंगेतर के मोबाइल पर मौजूद हार्ड ड्राइव, ह्यूडी और फोन्स को बरामद किया। इन उपकरणों में उन संदेशों के रिकॉर्ड मिले, जिनमें प्रेमी द्वारा बताया गया कि वह अपनी प्रेमिका के साथ मृतक को गढ़ी में धकेलने की योजना बना रहा था। इसके अलावा, किले के आसपास के सिसिटिवी सीसीटीवी फुटेज में प्रेमी और प्रेमिका दोनों को मृतक के साथ एक संदेहास्पद स्थान पर चलते हुए देखा गया। पुलिस ने बाद में यह भी दर्ज किया कि मंगेतर ने आरोपी को फोन करके हत्या का कारण बताया था कि वह उसे छोड़ नहीं रहा था। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि इस साजिश के पीछे आर्थिक लाभ भी था। मृतक की संपत्तियों के दावे को लेकर लड़ाई चल रही थी, और मंगेतर को इस कारण से अपने प्रेमी के साथ मिल कर हत्याकांड करने का फायदा दिखा। कोर्ट में अब मंगेतर और उसके प्रेमी दोनों को अपराध के सभी इरादे सिद्ध होते दिखेंगे, और उन्हें कड़ी सज़ा मिलने की संभावना है। पुलिस ने कहा कि इस मामले में सभी साक्ष्य संकलित होते ही न्यायालय को पेश कर दी जाएगी, और आगे की सुनवाई में दोनों को लंबे समय तक जेल की सजा हो सकती है। इस कुख्यात गाथा ने समाज में रिश्तों और विश्वास की नाजुकता को फिर से उजागर किया है, और यह सन्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या साजिश का अंजाम न्याय की निगरानी के बिना नहीं रह सकता।