पुणे के धनी उद्यमी के बेटे का लोहगड़ किले पर 400 फीट ऊँचाई से गिरना एक साधारण दुर्घटना नहीं था, बल्कि एक योजना बद्ध हत्या निकली है। इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र में सनसनी खड़ी कर दी, क्योंकि प्रारम्भ में इसे आकस्मिक गिरावट माना जा रहा था, परन्तु आगे की जांच में पता चला कि पीड़ित की मंगेतर और उसके एक पुरुष मित्र ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया और हत्या के पीछे के सभी कारक उजागर किए। हैदरबाद के पास स्थित लोहगड़ किले की चट्टानों पर इस हत्या की पूरी साजिश सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, मृतक का नाम अर्पित शिंदे था, जो अपने पिता के व्यापार साम्राज्य का वारिस था। अर्पित को उस दिन अपने साथ अपने प्रेमी साक्षी को लेकर किले पर तस्वीरें खिंचवाने के लिए गया था। लेकिन अचानक, अर्पित को एक तेज़ धक्का मिला और वह 400 फीट की गहराई में गिर गया। तुरंत ही स्थानीय पुलिस को सूचना मिलने के बाद केस की फ़ाइल तैयार की गई और जांच शुरू हुई। आगे जांच में यह स्पष्ट हुआ कि साक्षी ने अर्पित को धक्का दिया और उसकी मंगेतर, जो साथ में मौजूद थी, ने इस हत्या को अंजाम देने में सहयोग किया। पुलिस ने बताया कि हत्या की साजिश में कई आर्थिक और व्यक्तिगत कारण जुड़े हुए थे। अर्पित के पिता के पास कई करोड़ों की संपत्ति थी और हत्या के पीछे संपत्ति के हिस्से को लेकर अंडरग्राउंड विवाद था। इसके अलावा, मंगेतर ने बताया कि वह अर्पित के साथ शादी के बाद अपने पिता को व्यवसाय से बाहर निकालना चाहती थी, जिससे वह अपने पैतृक व्यवसाय को वापस पाकर आर्थिक लाभ कमा सके। इस हत्या की योजना बनाने के बाद, मंगेतर ने अपने पुरुष मित्र को साथ मिलकर अर्पित को धक्का मारने को कहा। अंत में, इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने मोगैस और फॉरेन्सिक रिपोर्टें भी तैयार कीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि अर्पित की मृत्यु का कारण सिर्फ गिराव नहीं बल्कि धक्का से हुई चोटें थीं। अब दोनों आरोपियों को हत्या, साज़िश और अन्य मामलों के तहत कोर्ट में पेश किया गया है। यह घटना एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि कभी-कभी आकर्षक प्रेम कहानियों के पीछे भी घृणास्पद योजनाएँ छिपी रहती हैं, और न्याय व्यवस्था को हमेशा सतर्क रहना चाहिए।