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Breaking News: ट्रम्प ने किया कड़ा इशारा: तेल के रास्ते पर 60 दिन में नहीं हुआ समझौता तो होगा हार्मुज पर टोल
🕒 9 hours ago

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के साथ चल रहे परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने के लिए केवल साठ दिन का समय दिया है, अन्यथा वह खाड़ी के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग हार्मुज पर शुल्क लगाने की घोषणा करेंगे। यह चेतावनी कई देशों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने गंभीरता से ली है, क्योंकि वह जलमार्ग विश्व तेल व्यापार का लगभग पाँच प्रतिशत हिस्सा संभालता है और इसकी रोकावट वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और कीमतों में उछाल का कारण बन सकती है। ट्रम्प ने इस संदेश को कई मंचों पर दोहराते हुए कहा, "यदि इरान अपने वादे नहीं निभाता, तो हमें अपने मौजूदा अधिकारों का प्रयोग करना पड़ेगा," और उन्होंने इस कदम को इरान के परमाणु हथियारों को रोकने के लिए अंतिम उपाय बताया। इसी बीच, इरान ने हार्मुज को "व्यक्तिगत कैसीनो" बताकर ट्रम्प के बयान को अस्वीकार किया और कहा कि इस जलमार्ग का उपयोग सभी देशों को समान रूप से करना चाहिए। इरानी अधिकारी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि हार्मुज में कोई भी एकतरफ़ा शुल्क अंतरराष्ट्रीय समुद्री क़ानून के खिलाफ है और इस प्रकार की कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ेगा। इरान की यह बात अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बड़ी चर्चा का विषय बन गई है, जहां से कई विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि शिपिंग कंपनियां महंगे टोल चुकाने को तैयार नहीं होंगी तो वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने लगेंगी, जिससे विश्वभर में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ेगा। संयुक्त राज्य की इस नई नीति के पीछे आर्थिक दबाव के साथ-साथ रणनीतिक पहलू भी काम कर रहे हैं। अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि हार्मुज पर टोल लगाकर इरान को समझौते की पटरी पर लाना संभव हो सकता है, जबकि इरान को इसका विरोध करने का अधिकार भी है। कई अंतरराष्ट्रीय पार्षदों ने इस कदम की आलोचना की है और कहा है कि इस तरह का आर्थिक ब्लॉकड़ॉड कूटनीतिक वार्ता को और बोझिल बना देगा। हालांकि, ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल इरान को व्यवहारिक दबाव में लाने के लिए है और यह किसी भी प्रकार के सैन्य संघर्ष को नहीं बढ़ावा देगा। अंत में, यह स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की स्थितियां बहुत जटिल हैं और आगामी दिनों में तनाव का स्तर कैसे विकसित होगा, यह अनिश्चित है। यदि इरान 60 दिनों के समय सीमा के भीतर कोई प्रगति नहीं दिखाता, तो हार्मुज पर टोल लागू करना वास्तविक बन सकता है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि और समुद्री सुरक्षा के नए चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस स्थिति में कूटनीतिक संवाद को पुनः जीवित करने और समझौते को सफलतापूर्वक समाप्त करने की आवश्यकता गंभीरता से महसूस की जा रही है, क्योंकि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का परिणाम न केवल क्षेत्रीय बल्कि विश्व स्तर पर आर्थिक और मानवीय हानि कर सकता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 23 Jun 2026