अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का जश्न इस बार कोलकाता के ऐतिहासिक हावड़ा गैजेट पार्क में मनाया गया, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "यह हमें सबको जोड़ता है" के नारे के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सुबह के हल्के ठंडे मौसम में सैकड़ों स्कूल बच्चों, बुजुर्गों, युवाओं और देश-विदेश के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से सूर्य नमस्कार के 12 आसनों को किया। इस बड़े मंच पर योग के विभिन्न स्वरूपों को प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्राचीन योग शास्त्रों के अनुसार श्वास-प्रश्वास अभ्यास, ध्यान, और आधुनिक फिटनेस योग शामिल थे। दर्शकों की उत्सुकता को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक है, और यह संकल्प "सबको जोड़ता" है। कोलकाता की सड़कों को साफ़-सुथरा रखने और स्वच्छता अभियान को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने विशेष रूप से व्यवस्था की थी। कार्यक्रम स्थल के चारों ओर हरित परिदृश्य, फूलों की क्यारियाँ और स्वच्छता वॉल्स स्थापित किए गए, जिससे यह स्पष्ट दिखा कि योग दिवस के साथ स्वच्छता भी जुड़ी हुई है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के बाद उपस्थित नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि "कोलकाता की इस स्वच्छता की पहल ने हमें गर्वित किया है और यह हमारे देश के स्वच्छ भारत मिशन के साथ संरेखित है"। कोलकाता के अलावा, भारत के विभिन्न कोनों में भी योग दिवस की धूम मची हुई थी। कर्नाटक में ग्रामीण इलाकों में विशेष योग शिविर आयोजित किए गए, जहाँ स्थानीय विद्यालयों के बच्चों को योग के लाभ समझाए गए। इन शिविरों में आयुर्वेदिक पोषण, शारीरिक व्यायाम और मनोवैज्ञानिक आराम पर भी रोशनी डाली गई। बॉलीवुड के सितारों ने भी इस शुभ अवसर को अपनी शैली में मनाया। अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी और कई अन्य कलाकारों ने सामाजिक मीडिया पर सीधा प्रसारण किया, जहाँ उन्होंने विभिन्न योग आसनों को दर्शकों के साथ साझा किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। इनके इस भागीदारी ने युवा वर्ग को प्रेरित किया और योग को एक आकर्षक फिटनेस विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। अंत में कहा जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि सामाजिक एकता और पर्यावरणीय स्वच्छता की भी नई दिशा स्थापित की। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम देश के हर कोने में प्रसारित हो रहा है, जिससे "यह सबको जोड़ता है" वाला नारा और भी अधिक सुदृढ़ हो रहा है। इस प्रकार, योग ने फिर से सिद्ध किया कि वह शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए एक सर्वांगीण समाधान है, और इस वर्ष का योग दिवस इस बात का जीवंत प्रमाण बना है।