अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को भारत में उत्सव की धूम मची हुई। राष्ट्राध्यक्ष श्रीमती मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों को अंजाम दिया, जिससे इस विशेष दिन को राष्ट्रीय एकता और स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बनाया गया। इस वर्ष का थीम "योग से स्वस्थ भारत" रखा गया, जिसमें शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की शुरुआत नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के बाग़ में हुई, जहाँ राष्ट्रपति मुर्मु ने आधरित योग सत्र का नेतृत्व किया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित बड़े मंच पर अपने मुख्य भाषण के साथ योग के महत्व को दोहराया। दिल्ली के लाल रोड पर आयोजित विशाल योग महोत्सव ने इस उत्सव को बेहतरीन बना दिया। ऐतिहासिक लाल रोड, जो पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक हवाई अड्डे के रूप में प्रयोग किया जाता था, अब योग के जश्न में बदल गया। इस स्थल पर बड़ी संख्या में नागरिक, स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएँ, साथ ही पदावली, स्वास्थ्य संस्थान और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं ही इस स्थान पर योग सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन और प्राणायाम जैसी प्रमुख योग तकनीकों को दिखाया गया। दर्शकों ने भी बड़ी उत्सुकता से इन आसनों का अभ्यास किया, जिससे एक राष्ट्रीय एकता का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत हुआ। कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने भी योगदान दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सुधार के लिए योग के महत्व पर प्रकाश डाला और लोगों को दैनिक अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, कई वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने योग के लाभों पर वैज्ञानिक डेटा प्रस्तुत किया, जिससे जनता में योग के प्रति जागरूकता और बढ़ी। इस समारोह में राष्ट्रीय जैविक और स्वास्थ्य संस्थानों ने भी भाग लेकर विभिन्न शारीरिक परीक्षण और स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को अपने स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का पता चल सका। कुल मिलाकर, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 ने भारत में स्वास्थ्य, शांति और राष्ट्रीय एकता के नए आयाम खोल दिए। राष्ट्रपति मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बनाया, जबकि लाखों लोगों ने इस दिन को अपने जीवन में एक नई दिशा देने के रूप में अपनाया। इस उत्सव ने न केवल योग के शारीरिक लाभों को उजागर किया, बल्कि मानसिक शांति और सामाजिक सहयोग के महत्व को भी रेखांकित किया। भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के योग कार्यक्रमों के माध्यम से एक स्वस्थ और सुदृढ़ भारत का निर्माण होने की आशा है।