अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को विश्व भर में मनाया जाता है, पर 2026 का योग दिवस कुछ खास रहा। भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के लाल रोड पर आयोजित इस कार्यक्रम को रीयल‑टाइम लाइव प्रसारण के माध्यम से विश्व भर के दर्शकों तक पहुँचाया। प्रधानमंत्री ने उद्घाटन समारोह में कहा, “योग एक ऐसा माध्यम है जो लोगों को एकजुट करता है, स्रृष्टि के साथ सामंजस्य स्थापित करता है और मन‑शरीर को स्वस्थ रखता है।” यह संदेश न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी बड़े उत्साह के साथ सुना गया, जहाँ लाखों लोग अपने अपने घरों और खुले मैदानों में इस कार्यक्रम को फॉलो कर रहे थे। इस वर्ष के योग दिवस में खास आकर्षण था कई देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी। संयुक्त राज्य अमेरिका के बड़े शहरों जैसे टेक्सास और न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में बड़े योग मैट्स बिछाए गए और हजारों नागरिकों ने विश्व स्तर पर एक साथ योग की विभिन्न आसनें और प्राणायाम किए। फोटो गैलरी में दिखाए गए चित्रों में विभिन्न आयु वर्ग, जाति, धर्म और पेशे के लोग एक ही मंच पर संगठित होकर सूर्य नमस्कार, त्रिकोणासन और विरामासन जैसे प्रमुख आसनों को पर्यवेक्षक के नेतृत्व में कर रहे हैं। इस पहल को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने व्यापक रूप से कवरेज दिया, जिससे योग के असली संदेश – शारीरिक और मानसिक स्वस्थ्य का साधन – पूरे विश्व में पहुँच गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर एक नई पहल की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में भारत सरकार योग को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने, स्कूल‑कॉलेज स्तर पर योग दिवस को अनिवार्य बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में योग शिविरों की संख्या बढ़ाने के लिये विशेष फंड बनाएगी। साथ ही, वे सभी राज्यों को अपनी-अपनी सांस्कृतिक परम्पराओं को योग के साथ जोड़ने के लिये प्रेरित कर रहे हैं, जिससे योग का एक जीवंत, विविधतापूर्ण स्वरूप विकसित हो सके। इस पहल ने भारतीय युवा वर्ग में उत्साह जगा दिया, जो इन उपायों को अपना कर देश और विदेश दोनों में योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिये तत्पर हैं। अंत में कहा जा सकता है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 ने फिर एक बार सिद्ध कर दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक विश्वव्यापी एकता, शांति और स्वास्थ्य का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी की बातों ने इस विचार को मजबूती दी कि योग को अपनाकर हम सभी एक-दूसरे के साथ जुड़ सकते हैं और एक स्वस्थ, सामंजस्यपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं। इस विश्वव्यापी जुटान ने न केवल योग के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि यह भी दिखाया कि जब हम सब साथ आकर किसी एक लक्ष्य को मानते हैं – इस बार योग को – तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती।