इज़राइल के लेबनान में हुए तीव्र हमलों के बाद, जिसमें बीस से अधिक लोगों की जान गई, इरानी अधिकारियों ने फिर से हुर्नमुज जलडमरूमध्य को बंद करने का कदम उठाया। यह रणनीतिक जलमार्ग विश्व के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहाँ से रोज़ाना लाखों बैरल तेल निर्यातित होते हैं। इरान ने इस कार्रवाई को इज़राइल के लेबनान में आई आतंकवादी समूहों पर किए गए दांवपेच का जवाब बताया, जबकि इस कदम से वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ने की संभावना देखी जा रही है। इरान ने आधिकारिक बयान में कहा कि हुर्नमुज को बंद करने का उद्देश्य इज़राइल के हमलों को रोकना और लेबनान में हो रही हिंसा के प्रति अपना विरोध दर्शाना है। इरानी सैन्य एजेंटों ने बताया कि इस बंदी के दौरान सभी जहाजों को इरान के व्यापक समुद्री नियंत्रण क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया जा सकता। साथ ही, इरान ने यह भी कहा कि वह स्विट्ज़रलैंड में चल रहे कूटनीतिक वार्ताओं के दौरान अपनी स्थिति को स्पष्ट करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बंदी के दीर्घकालिक प्रभावों को समझा सके। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बंदी के कारण तेल की कीमतों में तुरंत ही उछाल आया है और कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने मार्ग को पुनर्विचार किया है। यूरोपीय संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन सहित कई देशों ने इरान से इस कदम को तुरंत उलटने की मांग की है, क्योंकि यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता को खतरे में डाल सकता है। वहीं, इरान ने कहा कि यदि इज़राइल लेबनान में हमले जारी रखेगा तो हुर्नमुज के बंद रहने का फैसला स्थायी हो सकता है। निष्कर्षतः, इज़राइल की लेबनान में हुई हत्याकांड ने मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊँचाई पर पहुंचा दिया है, और इरान द्वारा हुर्नमुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने का कदम इस क्षेत्र में मौजूदा अस्थिरता को और गहरा कर रहा है। यह कदम न केवल तेल की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा और कूटनीति पर भी गहरा असर डालेगा। सभी पक्षों से आशा की जा रही है कि कूटनीतिक वार्ताओं के जरिए इस स्थिति को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण रूप से सुलझाया जाए।