राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली NEET‑UG री‑एक्साम की तैयारी में सुरक्षा एजेंसियों ने तय की कड़ी कार्रवाई। इस वर्ष के दाखिले की बड़ी संख्या और पिछले कई सालों में अभ्यर्थियों की सुरक्षा संबंधी घटनाओं को देखते हुए, केंद्रीय बोर्ड ने पूरे देश में एक व्यापक मोड ड्रिल का आयोजन किया है। इस अभ्यास में सभी प्रमुख परीक्षा केंद्रों, प्रमुख राजमार्गों और परिवहन हबों का गहन निरीक्षण शामिल है, ताकि संभावित सुरक्षा खतरों का पूर्वानुमान लगाकर तुरंत निवारक कदम उठाए जा सकें। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से अभ्यर्थियों को भी इस अभ्यास की जानकारी दी जा रही है। मेडिकल डायलॉगस के अनुसार, नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) ने री‑एक्साम के उम्मीदवारों के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप अलर्ट सेवा भी शुरू कर दी है, जिसमें परीक्षा स्थल पर सुरक्षा बढ़ाने, भीड़ नियंत्रण और समय-सारणी में किसी भी परिवर्तन की तुरंत सूचना दी जाएगी। इसके साथ ही, अब अभ्यर्थियों को अपने रिहर्सल कार्ड, फोटो आईडी और स्व-घोषणा फॉर्म के साथ उपस्थित होना अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे फ़र्जी दस्तावेज़ों की संभावना को कम किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि इस बार 16 प्रमुख केंद्रों के आसपास सामूहिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है और गेट्स पर अतिरिक्त चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं। देहरादून में विशेष रूप से कड़ी पैदल जाँच की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसी प्रकार, छिक्काबल्लपुर में भी डिवीजन कमिश्नर ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा योजना को सुदृढ़ किया, जिसमें एंटी‑ड्रोन सिस्टम और सड़कों पर काउंटी रैपिड़ी का उपयोग किया जाएगा। इन सभी उपायों का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थियों को एक सुरक्षित और शांत माहौल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी व्यवधान के अपनी परीक्षा में ध्यान केंद्रित कर सकें। अब तक के आंकड़ों से पता चलता है कि यह मोड ड्रिल सफलतापूर्वक चल रहा है, और कई शहरों में असामान्य गतिविधियों की रिपोर्ट नहीं आ रही है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक साइट और वैध सूचना स्रोतों से ही अपडेट प्राप्त करें, और किसी भी अनधिकृत लिंक या व्यक्तियों से सावधान रहें। अंत में यह कहा जा सकता है कि NEET‑UG री‑एक्साम के लिए सुरक्षा को लेकर लिया गया यह कदम न केवल परीक्षा की न्यायसंगतता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि भारत की परीक्षा व्यवस्था में विश्वसनीयता और भरोसे को भी बढ़ाएगा। उपयुक्त सुरक्षा उपायों और सूचना प्रसारण की तेज़ी से यह स्पष्ट हो रहा है कि भविष्य में ऐसी बड़े पैमाने की राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए एक मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है।