संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच नई शांति समझौते के बाद विश्वलेखकों ने होरमज़ जलमार्ग में जहाज़ों की आवाज़ी बढ़ोत्तरी दर्ज की है। इस समझौते को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने क्षेत्रीय संघर्ष के अंत का संकेत माना है, जिससे तेल और गैस की आवाज़ी आवाज़ी शिपिंग पर सकारात्मक असर पड़ा है। समुद्री ट्रैकिंग कंपनी ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में इस जलमार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या में 45 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी विशेषकर यूरोपीय और एशियाई तेल आयातकों के लिये आश्चर्यजनक है, क्योंकि होरमज़ पूर्वी मध्य एशिया में स्थित सबसे रणनीतिक संकरी रास्ता है, जहाँ से वैश्विक तेल के लगभग 20 प्रतिशत पार होते हैं। इस समझौते के बाद प्रमुख तेल कंपनियों ने अपनी शिपिंग योजनाओं को पुनः व्यवस्थित किया है। कई बड़े टैंकर ऑपरेटरों ने बताया कि अब उन्हें ईरान के बंदरगाहों से तेल ले जाने में कम जोखिम महसूस हो रहा है और वे रूट को फिर से खोलने की तैयारी कर रहे हैं। उसी दौरान, गजियाबाद के दहेज पोर्ट में एक लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) कैरियर ने सफलतापूर्वक होरमज़ पार किया, जिससे इस जलमार्ग की पुनः सुरक्षा और व्यावसायिक उपयोगिता का प्रमाण मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि इस री‑ओपनिंग से समुद्री सुरक्षा पर खर्च कम होगा और वैश्विक तेल कीमतों में स्थिरता आने की संभावना बढ़ेगी। वित्तीय बाजारों ने भी इस विकास को महत्व दिया है। अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में लगभग नौ प्रतिशत की गिरावट देखी गई, क्योंकि ट्रेडर्स ने ईरानी तेल की पुनः आपूर्ति की उम्मीद की। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण यह है कि अब शिपिंग कंपनियां ईरान के तेल को सीधे विश्व बाजार में पहुंचा पाएँगी, जिससे आपूर्ति में अंतर कम होगा। इस स्थिति ने कई तेल निर्यातकों को अपने मौजूदा अनुबंधों को पुनः समीक्षा करने के लिए प्रेरित किया है, जबकि आयातकों को कम कीमतों से फायदा मिलने की आशा है। परिणामस्वरूप, इस शांति समझौते को न केवल राजनीतिक लेकिन आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक जीत माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसियों ने कहा कि होरमज़ की खुली राह विश्व तेल बाजार की अस्थिरता को कम करेगी और कई देशों के लिये ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी। हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का नया तनाव उत्पन्न होता है तो यह वृद्धि फिर से उलट सकती है। इसीलिए, सभी नज़रें अब इस समझौते की स्थिरता और उसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर टिकी हुई हैं। संक्षेप में, यूएस‑ईरान के शांति समझौते ने होरमज़ जलमार्ग को फिर से जीवंत कर दिया है, जिससे जहाज़ों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वैश्विक तेल एवं गैस बाजार में स्थिरता का भरोसा बढ़ा है। इस विकास को देखते हुए, उद्योग विशेषज्ञ आशा करते हैं कि यह नई व्यवधानहीन शिपिंग अवधि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को और अधिक सुगम बनाएगी और ऊर्जा की कीमतों में दीर्घकालिक स्थिरता लाएगी।