नई दिल्ली – फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीकी नवाचार और डिजिटल विकास पर अपने विचार रखे। सत्रहवीं फ्रांसीसी-भारतीय आर्थिक मंच के दौरान उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी केवल तब ही मानवता के लिये प्रगति का साधन बनती है जब वह सभी वर्गों तक समान रूप से पहुँचे। इस विचार का मुख्य कारण यह है कि आज के समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा और स्वचालन से बनी बुनियादी ढाँचा केवल तब ही सामाजिक और आर्थिक सुधार ला सकता है जब यह सर्वव्यापी हो और राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने में सहायक हो। मोदी ने इस अवसर पर भारतीय आईटी और स्टार्ट‑अप उद्योग के प्रतिनिधियों को भी मंच पर आमंत्रित किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि भारत की युवा शक्ति इस दिशा में प्रमुख भूमिका निभा रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने पारितंत्रिक सोच से दूर हटकर नवाचार पर आधारित नीति तैयार की है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में हाई‑स्पीड इंटरनेट पहुँचाने, शिक्षा में डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई‑सहायता प्राप्त निदान को सहज बनाने के कई उदाहरण प्रस्तुत किए। ये सभी पहलें इस बात को सिद्ध करती हैं कि भारत में तकनीकी विकास न केवल शहरी मध्यवर्ग के लिये बल्कि गाँव‑देह के लोगों के लिये भी अवसर लेकर आया है। मोदी ने यह भी कहा कि जब तक तकनीक का लाभ सभी तक नहीं पहुँचता, तब तक सामाजिक समावेशी विकास की प्राप्ति संभव नहीं है। पेरिस में आयोजित सत्र में उनका मुलाकात फ्रांस के प्रमुख औद्योगिक समूह अल्स्टॉम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्टिन शियोन से भी हुई। इस बातचीत में दोनों देशों के युवाओं के बीच सहयोग को बढ़ाने, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को साकार करने और नवाचार पर केंद्रित शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में कई संभावनाओं की चर्चा हुई। मोदी ने कहा, "हमारी युवा शक्ति के पास अद्वितीय रचनात्मकता है और इसे सही मंच मिलने पर विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकती है।" समापन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत कहीं भी व्यावसायिक अवसरों की तलाश में विदेशियों को स्वागत करता है, परन्तु उसकी प्राथमिकता अपने नागरिकों को प्रौद्योगिकी के जरिये सशक्त बनाना है। उन्होंने यह भी उजागर किया कि भारत के डिजिटल मिशन, स्टार्ट‑अप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों ने अभी तक के सबसे बड़े रोजगार सृजन के अवसर प्रदान किए हैं। इस प्रकार, मोदी ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि भारत का भविष्य प्रौद्योगिकी को सर्वसामान्य तक पहुँचाने में निहित है, जिससे सामाजिक समानता, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय स्वाभिमान को नई ऊँचाइयों पर ले जाया जा सके।