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Breaking News: NEET री‑टेस्ट की सुरक्षा के लिए टेलीग्राम पर लगा प्रतिबंध: केंद्र ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया आपराधिक स्थिति
🕒 1 hour ago

नेशनल एलिटी परीक्षा (NEET) के री‑टेस्ट को लेकर भारत के कई राज्यों में घनिष्ठ सुरक्षा उपायों की आवश्यकता महसूस की गई है। परीक्षा की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सरकार ने विशेष रूप से टेलीग्राम एप्लिकेशन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे दिल्ली हाई कोर्ट में पेश किया गया। सरकार का तर्क है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र का लीक होना केवल उन चैनलों के माध्यम से संभव हो रहा है, जो अक्सर टेलीग्राम पर छिपे रहस्यवादी समूहों द्वारा संचालित होते हैं। इस कारण, अदालत से अनुरोध किया गया कि किस हद तक यह प्रतिबंध अनुपातिक और आवश्यक है, इस पर विस्तृत सुनवाई की जाए। ताज़ा दस्तावेज़ों के अनुसार, टेलीग्राम पर अनेक लीक चैनल सक्रिय थे, जिनमें प्रश्नपत्र के अंश, उत्तर कुंजी और अनुचित सूचना का आदान‑प्रदान होता था। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने यह बताया कि इन चैनलों को लेकर अब तक कोई ठोस कारवाही नहीं हुई, जिससे सरकार को आश्चर्य हुआ कि प्लेटफ़ॉर्म ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। इस कारण, टेलीग्राम को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने की मांग को न्यायालय में पेश किया गया, ताकि परीक्षा के दौरान कोई भी सूचना का दुरुपयोग न हो सके। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए, यह प्रश्न उठाया कि क्या टेलीग्राम पर पूर्ण प्रतिबंध एक समुचित उपाय है या यह नागरिकों की अभिव्यक्ति और सूचना की स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है। अदालत ने इस प्रतिबंध की अनुपातिकता पर विचार करने के लिए सुनवाई को स्थगित किया, और दोनों पक्षों को अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करने का आदेश दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टेलीग्राम को प्रतिबंधित करने से प्रश्नपत्र लीक नहीं रोकी जा सकेगी, लेकिन यह एक संकेत है कि सरकार सूचना सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने को तैयार है। समग्र रूप से देखा जाए तो NEET री‑टेस्ट की सुरक्षा के लिए सरकार ने टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म को नियंत्रित करने की दिशा में तेज़ कदम उठाए हैं। टेलीग्राम पर प्रतिबंध का प्रस्ताव जटिल कानूनी और सामाजिक प्रश्न खड़े कर रहा है, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, डिजिटल अधिकार और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना मुख्य चुनौती बन गया है। आगे की सुनवाई में अदालत इस बात का निर्धारण करेगी कि क्या इस प्रतिबंध से परीक्षा की स्वच्छता में पर्याप्त सुधार होगा या अन्य वैकल्पिक उपायों को अपनाना अधिक उपयुक्त रहेगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 18 Jun 2026