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Breaking News: NEET परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए भारत ने टेलीग्राम पर थोप दिया अस्थायी प्रतिबंध
🕒 1 hour ago

देश के प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG की पुनः परीक्षा के इरादे से भारत सरकार ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य है परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी, घोटालों और अवैध सहायता के नेटवर्क को तोड़ना, जो पिछले वर्ष कई बार उजागर हुए थे। सरकार ने बताया कि टेलीग्राफ़र ग्रुप, चैनल और बॉट्स का उपयोग करके अभ्यर्थियों को उत्तर, प्रश्नपत्र या उत्तर कुंजी की जानकारी साझा करने की प्रयास किये जा रहे थे, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुँच रहा था। इस कारण, नेशनल टेस्ट एजेंसी (NTA) ने तत्काल प्रभाव से टेलीग्राम पर सभी सर्वर और यूज़र अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया, जिससे यह प्रतिबंध अगस्त के अंत तक जारी रहेगा, जब तक पुनः परीक्षा का शेड्यूल नहीं हो जाता। टेलीग्राम पर रोक लगाने के बाद, कई प्रमुख संस्थाओं और विशेषज्ञों ने इस फैसले पर अपनी-अपनी राय व्यक्त की। एक ओर, नेशनल टेस्ट एजेंसी ने कहा कि यह कदम जरूरी था क्योंकि अभ्यर्थी अपने मोबाइल डिवाइसों पर आसानी से एन्क्रिप्टेड चैट के माध्यम से अनधिकृत जानकारी का आदान-प्रदान कर रहे थे। दूसरी ओर, साइबर सुरक्षा क्षेत्र के कुछ शोधकर्ताओं ने बताया कि इस तरह का प्रतिबंध केवल सतह पर समस्या को ठीक करेगा, जबकि वास्तविक घुसेती नेटवर्क बैकएंड सर्वरों या अन्य एप्प्स के माध्यम से जारी रह सकते हैं। कुछ शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी कहा कि टेलीग्राम को पूरी तरह से ब्लॉक करने से वैध सूचना-संचार में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे छात्रों को आवश्यक सूचना और समर्थन मिलने में कठिनाई होगी। इस विवाद के बीच, कई छात्र और अभ्यर्थी सामाजिक मंचों पर अपने भय और असहजता के कारणों को भी दर्शा रहे हैं। कुछ ने कहा कि टेलीग्राम के बिना वे अपनी पढ़ाई के दौरान समूह चर्चा और नोट्स साझा करने में मुश्किल महसूस करेंगे, जबकि अन्य ने इस कदम को परीक्षा की शुद्धता और निष्पक्षता के पक्ष में सराहा। शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, यह भी कहा गया कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अनधिकृत सहायता लेने से गंभीर दंड मिल सकता है, जिसमें परीक्षा में अनुपस्थिति और परिणाम रद्द करना शामिल है। निष्कर्षतः, टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध एक साहसिक कदम है, जिसका लक्ष्य NEET जैसी राष्ट्रीय महत्व की परीक्षाओं में वैधता और विश्वसनीयता को सुरक्षित रखना है। हालांकि, इस कदम के परिणामस्वरूप वैध संवाद साधन पर भी प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए इसे संतुलित और पारदर्शी ढंग से लागू करना आवश्यक है। यदि एंटिटी और तकनीकी विशेषज्ञ मिलकर प्रभावी निगरानी एवं वैकल्पिक सूचना साधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, तो यह प्रतिबंध केवल एक त्वरित समाधान नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा बन सकता है, जिससे भारतीय मेडिकल शिक्षा प्रणाली में विश्वास और अखंडता को संरक्षित किया जा सके।

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✍️ By Pradeep Yadav | 16 Jun 2026