नवतम गवाही के मुताबिक भारतीय राजनीति के प्रमुख मंच पर अब दो बैंकर सदस्यों के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान जारी है। केरल के तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक मिलन समारोह में क्लायण बैंकर ने अभिषेक बैंकर को "अहँकारी" कहा, जिससे पदाधिकारी दल में धूम मच गई। अभिषेक बैंकर ने इस टिप्पणी पर अब तक की हुई चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर नागरिक को अपनापन और अभिव्यक्ति का अधिकार है और इस प्रकार की टिप्पणी को वह अनावश्यक मानते हैं। उनका मानना है कि राजनीति में विचारधारा का विमर्श होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत अपशब्दों का प्रयोग। परिस्थिति की जड़ में यह समस्या दल के भीतर शक्ति संघर्ष के कारण उत्पन्न हुई है। क्लायण बैंकर ने पहले कई मौकों पर अपने निजी अनुभवों को सामने रखते हुए कहा था कि वे अपने पक्ष में समर्थन चाहते हैं और यदि यह समर्थन नहीं मिला तो उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। इस पर अभिषेक बैंकर ने अपने इंटरेस्ट को सार्वजनिक रूप से सिद्ध करने के लिए कहा कि वे एक पेशेवर नेता हैं और अपने विचारों को उचित मंच पर प्रस्तुत करने का पूरा अधिकार रखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के बड़े नायक के रूप में उन्हें कई जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है और इसलिए व्यक्तिगत आक्रमण उनके कार्य को घटाने का प्रयास है। यह झगड़ा अब सिर्फ दो व्यक्तियों के बीच सीमित नहीं रह गया; यह पूरे दल के भीतर तनाव का एक संकेत बन गया है। कई वरिष्ठ कार्यकर्ता इस बात पर आश्चर्यजनक रूप से एकमत हैं कि इस तरह के सार्वजनिक बयानों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुँच सकता है। कुछ विशिष्ट नेताओं ने अभिषेक बैंकर को सलाह दी कि वे शांति से समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करें और भाषा के प्रयोग में सावधानी बरतें। जबकि क्लायण बैंकर के समर्थक इस बात पर दृढ़ता से खड़े हैं कि वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस क़दम को उठाए हैं। आख़िरकार, इस विवाद का समाधान पूरे दल के भीतर संवाद और समझौते से ही संभव हो सकता है। अभिषेक बैंकर ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह पार्टी के हितों को प्रथम प्राथमिकता देते हैं और सभी मतभेदों को मिलकर सुलझाने की आशा रखते हैं। यह स्पष्ट है कि आगे के समय में दोनों पक्षों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाते हुए एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करना आवश्यक होगा। इस प्रकार, यह विवाद न केवल बैंकर परिवार के भीतर बल्कि सम्पूर्ण राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन सकता है, जहाँ से एक नई दिशा का चयन किए जाने की संभावना है।