📰 Kotputli News
Breaking News: ट्रम्प के 'महान समझौते' के बाद ईरान ने कहा: अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं
🕒 1 hour ago

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में चर्चा किए जा रहे समझौते पर इंटरनेशनल मीडिया में हलचल मची हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अधिकांश राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर दावा किया कि उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला खामेनेई की स्वीकृति से एक "महान समझौता" प्राप्त किया है। इस बयान के बाद कई समाचार स्रोतों ने ईरान के अधिकारियों की प्रतिक्रियाओं को उजागर किया, जिसमें प्रमुख बात यह रही कि अभी तक इस समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है और दस्तावेज़ी रूप से भी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ईरानी अधिकारियों ने कई आधिकारिक बयानों में स्पष्ट किया कि "पाठ्य सामग्री अभी तक अंतिम नहीं है" और यह अभी भी कई चर्चाओं और परामर्शों के अधीन है। शीर्ष स्तर के राजनयिक सूत्रों के अनुसार, मोरोटिया (सहयोगात्मक समझौता) के मसौदे पर अभी तक अंतिम हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और ईरान के संसद तथा अन्य नियामक निकायों से भी इस पर अंतिम मंजूरी का इंतज़ार है। इस बीच, अमेरिकी प्रतिनिधियों ने भी कहा कि समझौते में कुछ प्रमुख बिंदु, जैसे कि प्रतिबंधों का हटाना और परमाणु कार्यक्रम की निगरानी, पर सहमति बन गई है, परंतु ईरान की ओर से आधिकारिक रूप से इसे स्वीकार करने का कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्टिंग की। हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि ट्रम्प की तरफ से जारी "महान समझौते" की घोषणा के बाद ईरान ने कहा कि वह अभी भी कई शर्तों और नियामक प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है। एनडीटीवी ने यह भी उजागर किया कि ईरान के राजनयिक सूत्रों ने कहा कि "पाठ्य अभी तक अंतिम नहीं है" और यह प्रक्रिया अभी भी चल रही है। द हिन्दू ने समाचार में कहा कि ईरान ने अभी तक किसी भी आधिकारिक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और अभी भी कई बिंदुओं पर और चर्चा की आवश्यकता है। इन सभी रिपोर्टों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रम्प द्वारा घोषित "महान समझौता" अभी तक दोनों पक्षों द्वारा स्वीकृत नहीं हुआ है। ईरान ने खुले तौर पर कहा है कि वह इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अपने सगाई वाले निकायों की राय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के हटाने जैसे मुद्दों पर स्पष्टता चाहता है। साथ ही, अमेरिकी और ईरानी दोनों पक्षों के बीच इस समझौते की वैधता पर विवाद जारी है, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस प्रक्रिया को निकटता से देख रहा है। यह स्थिति निकट भविष्य में दोनों देशों के रिश्तों एवं मध्य पूर्व के स्थिरता पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 12 Jun 2026