हर साल जैसे ही मानसून की शुरुआत होती है, दिल्ली में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलते हैं। इस वर्ष भी वही परिदृश्य उत्पन्न हुआ है, जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए नारंगी चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट इस बात का संकेत है कि जल्द ही भारी बारिश, तेज़ हवाएं और तूफ़ान जैसी मौसमी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले दो दिनों में पश्चिमी विस्थापन (Western Disturbance) के साथ मिलकर मौसमी बवंडर आएगा, जिससे तापमान में अचानक गिरावट और रात में ठंडक का माहौल बन सकता है। IMD के अनुसार, इस शाम से ही ढलते हुए बादलों का समूह दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में स्कैटरिंग शुरू कर देगा। इस दौरान 75 से 90 मिलीमीटर तक की वर्षा की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर 120 मिलीमीटर से अधिक भी हो सकता है। साथ ही, तेज़ हवाओं की गति 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ों की टहनी टूटने, बिजली गिरने और जलभराव की संभावना बढ़ जाती है। नगर निगम ने इस स्थिति को देखते हुए सड़कों पर पानी निकासी की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं और नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। दिल्ली में इस बारिश का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि पिछले कुछ हफ्तों की लम्बी धूप और 41-48 डिग्री से ऊपर के हीट इंडेक्स को लेकर लोगों को राहत मिल सकती है। वर्तमान में जब तापमान 42 डिग्री तक पहुंच चुका है, तो भारी बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आकर 30 डिग्री के आसपास स्थिर हो सकता है, जिससे लोगों को आराम मिलेगा। परन्तु, पानी जमा होने के कारण यातायात में बाधा, बाढ़ की स्थिति और अस्थायी बिजली कटौती की आशंकाएं भी बढ़ती हैं, इसलिए नागरिकों को आवश्यक सामग्री, आपातकालीन नंबर और शौचालय की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। आखिरकार, शहर प्रशासन ने सभी स्कूल, कॉलेज और कुछ सरकारी दफ्तरों को दो दिनों के लिए आधी-पात्र कार्य करने का निर्देश जारी किया है, ताकि नागरिकों को गैर-आवश्यक यात्रा से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी वायुमंडलीय प्रदूषकों में गिरावट के साथ फेफड़ों की बीमारी के जोखिम को कम करने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों ने कहा है कि इस मॉनसून के बाद के सप्ताह में मौसम सामान्य हो जाएगा, परन्तु अभी के लिए सतर्कता बरतना आवश्यक है।