📰 Kotputli News
Breaking News: बीजेपी विधायक ने कल्याण योजना सभा में मुस्लिम महिला को मजबूर किया 'भारत माता की जय' चिल्लाने के लिए
🕒 3 hours ago

बंगाल के एक वर्तमान विधायक ने हाल ही में आयोजित सामाजिक कल्याण योजना कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला को बाध्य कर "भारत माता की जय" का नारा लगाने के लिए कह दिया, जिससे सामान्य जनता और विभिन्न सामाजिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न हुई। यह घटना उस दिन घटित हुई, जब विधायक ने महिला को माइक्रोक्रेडिट योजना के लाभार्थी के रूप में उपस्थित किया और सार्वजनिक मंच पर उसके हाथों पर एक पोस्टर दिखाते हुए कहा कि उसे राष्ट्रभक्ति के इस नारे को दोहराना चाहिए। महिला ने तुरंत इस आदेश को नाखुशगी से ठुकरा दिया, परंतु विधायक ने उसे लगातार बधाई देने और अपने पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया। इस अनुचित व्यवहार ने सीधे तौर पर धार्मिक और व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन को उजागर किया। इस घटना को विभिन्न मीडिया संस्थाओं ने रिपोर्ट किया, जिनमें आल्ट न्यूज, मुस्लिम नेटवर्क टीवी, द सियासत डेली और इंग्लिश वार्थभारती शामिल हैं। इन स्रोतों के अनुसार, कई दर्शकों ने कृत्रिम ढंग से राजा-रानी के समान नारे को लागू करने के प्रयास को अत्यंत अस्वीकार्य बताया। सामाजिक वैज्ञानिकों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस मामले को धार्मिक स्वतंत्रता के अधीन अधिकारों के उल्लंघन के रूप में परखा। कई सामाजिक संगठनों ने इस विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए और हिंसक नारे को सार्वजनिक स्थानों पर थोपने की निंदा की। इस घटना पर स्थानीय पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज की और विधायक पर अनुशासनात्मक कारवाई की संभावनाओं की ओर इशारा किया। हालाँकि, कई पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर चुनावी माहौल में बढ़ती सामाजिक-धार्मिक विभाजन को दर्शाती हैं और सरकार को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस बीच, विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर तीखा विरोध किया और विधायक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। अंत में कहा जा सकता है कि इस प्रकार की अनुचित मांगें समाज में तनाव को बढ़ाती हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती हैं। जब कोई सार्वजनिक प्रतिनिधि अपने पद का दुरुपयोग कर किसी धर्म के व्यक्ति को धार्मिक नारा लेने के लिए बाध्य करता है, तो यह न केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है, बल्कि सामाजिक सद्भावना को भी चुनौती देता है। इस घटना ने फिर से यह स्पष्ट कर दिया कि धर्मनिरपेक्षता को संधारित रखने के लिए सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना आवश्यक है, और प्रत्येक नागरिक को अपने धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का अधिकार है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 10 Jun 2026