बेंगलुरु के एक मोहल्ले में पाँच साल की नन्ही बच्ची की मौत ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि बच्ची को उसके अपने घर के भीतर ही मार गिराया गया, पर आगे की जांच से एक अजीबोगरीब कहानी सामने आई। पुलिस को पता चला कि मृतक की माँ को अब तक कोई ठोस पता नहीं मिल पाया है, और वह लागू नहीं हुई है। इस केस की उलझन में कई अनजाने मोड़ जुड़े हैं, जिनमें बिरयानी की रौनक, गुप्त शादी, तलाक, और एक करोड़ों रुपये के रियल्टर के साथ हुई षड्यंत्रपूर्ण रिश्ते की बातें शामिल हैं। जांच के दौरान पता चला कि मृतक की माँ ने अपने पति से तलाक ले लिया था और फिर एक समरूप रियल एस्टेट पर्सन, जो 1,000 करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट के लिये मशहूर था, के साथ गुप्त संबंध स्थापित किया था। सूत्रों के अनुसार, दोनों ने मिलकर एक बड़ी निवेश योजना बनाई थी, जिसके तहत माँ ने अपनी बेटी को ‘बिरयानी पार्टियों’ में आमंत्रित करके अपनी सामाजिक स्थिति को बढ़ाने की कोशिश की। इस दौरान कई बार दोनों ने मुलाकातों में बड़ी मात्रा में नकद और रीयल एस्टेट दस्तावेज़ बदलते देखे गये, जिससे यह संदेह उत्पन्न हुआ कि पैसा और संपत्ति के लेन-देन में घर्षण बना था। बच्ची की मृत्यु के बाद पुलिस ने माँ और उसके ‘लाइव‑इन’ साथी को हिरासत में ले लिया, पर माँ फिर से गायब हो गई। कई रोज़गार और सामाजिक नेटवर्क से पता चलता है कि माँ ने अपने मोबाइल नंबर को बदल दिया था और कई शहरों में अस्थायी ठहराव किया था, जिससे वह अधिकारियों की पर्ची से बाहर रह गयी। इसके साथ ही, उन पर बलात्कार और हत्या के केस में भी आरोप लगा दिया गया, जबकि उनके साथी को अब तक हत्या के एक्सेलेरेशन के रूप में फाइल किया गया है। इस मामले ने सामाजिक मान्यताओं को भी छेड़ दिया है। जहाँ एक ओर महिलाओं का अधिकार और उनकी सुरक्षा की बात की जाती है, वहीं इस प्रकार की गुप्त शादी, तलाक और बड़े पैमाने पर आर्थिक घोटालों के चलते उनके उत्पीड़न और बदलते रिश्तों के बारे में सवाल उठते हैं। बेंगलुरु की पुलिस ने कहा है कि अब तक इस केस में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, पर कई फॉरेंसिक रिपोर्टें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि बच्ची को जानबूझकर शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाया गया था। निष्कर्षतः, बेंगलुरु में इस भयानक अपराध की गहराई में कई सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत पहलू जुड़े हुए हैं। बिरयानी व सीक्रेट शादी से लेकर करोड़ों की रियायत और हत्या तक, यह केस एक जटिल जाल बन गया है, जिससे सच्चाई का परदा धीरे‑धीरे खोलना बाकी है। अब पुलिस को इस मामले में सभी संभावनाओं को धुंधला करके साक्ष्य एकत्रित करने होंगे, ताकि माँ और उसके सहयोगी के खिलाफ न्यायालय में स्पष्ट सजा दी जा सके और इस तरह के काबु करके दोबारा ऐसे घातक मामलों को रोका जा सके।