📰 Kotputli News
Breaking News: फुजैराह के तेल क्षेत्र में बनी आग, इरानी ड्रोन और मिसाइल के हमले से यूएई ने किया कई कदम
🕒 1 hour ago

संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट पर स्थित फुजैराह में स्थित तेल उत्पादन और परिष्करण सुविधाओं को आज दोपहर एक बड़े ड्रोन हमले ने जला दिया, जिससे क्षेत्र में आग की लपटें उठीं और कई लोगों को चोटें आईं। इस हमले के बाद दुबई स्थित यूएई रक्षा शक्ति ने बताया कि उन्होंने इरान से लॉन्च हुए कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक लेजर और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट कर लिया है। यह घटना पेशेवर तेल निर्यात के लिये महत्त्वपूर्ण फुजैराह तेल ज़ोन को संकट में डाल रही है और मध्य पूर्व में तनाव को फिर से बढ़ा रही है। हजारों बैरल तेल का संचयन और प्रक्रिया करने वाले फुजैराह पेट्रोलियम कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन ने एक साथ कई बिंदुओं पर आगजनी की, जिससे तीर-टास्क फायर अलार्म सक्रिय हो गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार तीन भारतीय कामगार इस आपदा में घायल हुए, दो को गंभीर स्थिति के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया जबकि एक ने हल्की चोटों के साथ जल्दी ठीक होने की आशा जताई। स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत निकासी और बचाव कार्य शुरू किया, साथ ही अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को बुलाकर आग को नियंत्रित करने के प्रयास तेज कर दिए। इसी बीच, यूएई की सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने इरान से शुरू हुए मिसाइल समूह को अपने एंटी-एयरक्राफ्ट शील्ड से निष्ठुर रूप से रोका। इस प्रतिक्रिया में एरियल डिफेंस रडार, सैम सिस्टेम और जेट फाइटर भी तैनात किए गए, जिससे आयरन मंडल के विमान समूह को उलझन में डाल दिया गया। इस कार्रवाई को यूएई की साक्षरता और तकनीकी क्षमता का प्रमाण माना गया, क्योंकि इसने इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर संभावित दांव-पेंच को टाल दिया। आकस्मिक रिपोर्टिंग के अनुसार इस हमले का उद्देश्य फुजैराह के तेल निर्यात को बाधित करना और यूएई की आर्थिक शक्ति को कमजोर करना था। इरान और यूएई के बीच हाल ही में तनाव में वृद्धि देखकर, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र ने तुरंत आपातकालीन बैठक बुलाने का प्रस्ताव रखा, जबकि प्रमुख आर्थिक संगठनों ने तेल बाजार पर संभावित प्रभाव की चेतावनी दी। इस दुर्घटना के बाद फुजैराह के तेल उत्पादन में अस्थायी व्यवधान आया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त सुरक्षा उपायों और तेज़ी से उठाए गई बचाव कार्रवाई के कारण बड़े नुकसान से बचा जा सका। यूएई सरकार ने कहा है कि वह सभी प्रभावित कर्मचारियों को संपूर्ण चिकित्सा सहायता प्रदान करेगी और जलनीय शर्तों में सुधार के लिए आवश्यक तकनीकी सहायता भी देगी। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए हमले केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से भी गंभीर खतरा बन सकते हैं।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 04 May 2026