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Breaking News: बांधवगढ़ में एसी के आखिरी मोड़ के बाद 4 मई को कितने सीटों पर होंगी गिनती?
🕒 1 hour ago

पश्चिम बंगाल के महाविद्युत चुनावों में चुनाव आयोग (ईसी) ने अचानक किए गए परिवर्तन ने सभी राजनीतिक दलों और विश्वसनीयों के बीच हलचल मचा दी है। अप्रैल के अंत में निर्धारित फलक मसला और अधिकतर जिलों में दोबारा मतदान की घोषणा के बाद, आयोग ने 4 मई को गिनती पूरी करने वाले निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या पर नई जानकारी जारी की। इसके अनुसार, अप्रैल में हुई गिनती के पश्चात 122 विधानसभा सीटों में ही मतगिनती समाप्त होगी, जबकि शेष 150 सीटों में पुनःमतदान या पुनर्गणना का क्रम जारी रहेगा। यह नई घोषणा, चुनाव परिणामों के परिदृश्य को पूरी तरह बदल देती है, क्योंकि अब पहले से तय हुए कई सीटों का परिणाम पहले ही निर्धारित हो जाएगा, जबकि बाकी हिस्सों में मतदाताओं को पुनः मतदान करने का अवसर मिलेगा। नवीनतम एसी की घोषणा के मूल कारण को स्पष्ट नहीं किया गया, परंतु कई उद्धरणों से पता चलता है कि कई ठोस तकनीकी गड़बड़ियों, मतपत्रों में निरंतर गड़बड़ी और उम्मीदवारों की शिकायतों के कारण इस कदम को उठाया गया है। विशेषकर फलक में हुई पुनःमतदान की घोषणा के बाद, विभिन्न दलों ने इस बात पर सवाल उठाए थे कि क्या यह प्रक्रिया सभी वर्गों को समान रूप से लाभान्वित करेगी। टॉमका मंच द्वारा दिये गये बयान में कहा गया कि फलक में दोबारा मतदान के बाद भी कई मतदाता अपना वोट नहीं डाल पाए, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा के लिये चयन प्रक्रिया में सुधार आवश्यक है। वर्तमान में, कई प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता इस विकास पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। टीएमसी के प्रमुख अभिषेक बनर्जी ने फलक में पुनःमतदान की घोषणा के बाद बीजेस को चुनौती दी है, कहकर कि "दस जन्मकाल भी इस चुनौती को पूरा नहीं कर पाएँगे"। उनकी यह बात इस बात को दर्शाती है कि टीएमसी इस पुनःमतदान को राजनीति का नया मोड़ मान रहा है और वे अपने प्रतिद्वंदियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने एसी के इस निर्णय को "विकृति" दुरूह की तरह बताया और इंटेग्रिटी की मांग की है। इन घटनाओं के बीच, चुनावी प्रक्रिया में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) की सुरक्षा को लेकर भी नई खबरें सामने आई हैं। लंदन जेल के रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ क्षेत्रों में ईवीएम पर टेप लगा कर मतों को ब्लॉक करने की कोशिश की गई, तथा वोटर पहचान के लिये सुगंधित पदार्थों का प्रयोग किया गया। इन सब घटनाओं ने चुनाव की पारदर्शिता और सुरक्षा पर प्रश्न उठाए हैं, जिससे एसी को सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है। अंततः, यह स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल के चुनावों का परिणाम अब भी अनिश्चित है। 4 मई को गिनती की लगातार चल रही प्रक्रिया, पुनःमतदान के बाद की सटीक सीटों का निर्धारण और उम्मीदवारों की रणनीति, इस अंतिम चरण को और भी रोमांचक बना रहे हैं। जनता को इस गहरी स्थिति में सही निर्णय लेने हेतु सभी पक्षों से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया की उम्मीद है, ताकि लोकतांत्रिक सिद्धांतों का सम्मान बना रहे और भविष्य में इसी तरह की अनिश्चितता से बचा जा सके।

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✍️ By Pradeep Yadav | 04 May 2026