📰 Kotputli News
Breaking News: बोर्डर द्वीप बांध में नौका दुर्घटना: मौतों की संख्या १३, आख़िरी गायब का शरीर मिला
🕒 1 hour ago

जबलपुर जिले के बर्गी जलाशय में हुए दुखद दुर्घटना की गंभीर स्थिति आज फिर से सामने आई है। पिछले कुछ दिनों में एक पर्यटक नौका में सवार हुए २० लोगों में से १३ के शव मिल गए हैं, जबकि पाँच लोगों की स्थिति अब तक अज्ञात थी। आज प्राप्त हुई पुष्टि के अनुसार, आख़िरी गायब रहने वाले व्यक्ति का शरीर भी जलाशय के तल में पाया जा चुका है, जिससे मृतकों की कुल संख्या १३ तक पहुँच गई। यह खबर पूरे देश में शोक की लहर ले आई है, क्योंकि कई परिवार अपनी प्रियजन को खोने के शोक में डूबे हुए हैं। घटना की शाम को नौका १५० मीटर ऊँचे बर्गी जलाशय में नाव राइड के लिए तैयार थी। मौसम साफ़ था, लेकिन जलस्तर में अचानक आई हल्की लहरों ने नाव को अस्थिर कर दिया। जहाज़ के चालक ने चेतावनी जारी करने से पहले ही जलाशय में बड़ी लहरें आ गईं, जिससे नौका उलट गई और कई सवार पानी में फँस कर डूब गए। आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत कार्यवाही शुरू की, लेकिन जलाशय की गहराई और धुंधलापन बचाव कार्य को कठिन बना रहा। १३ मृतकों के साथ-साथ पाँच लोगों को अभी तक नहीं ढूँढ़ा जा सका था, परन्तु आज बाद में खोजकर्ता दल द्वारा उनके शवों की पहचान की गई। दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने कई प्रश्न उठाए हैं। नौका संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने, जलाशय में नज़र रखी गई चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज करने और उचित जीवन रक्षक उपकरणों की कमी को प्रमुख कारण माना गया है। बची हुई कुछ लड़कियों ने बताया कि नाव का चालक सुरक्षा नियमों की उपेक्षा करते हुए नौका को तेज़ी से चलाने का इरादा रखता था, जिससे लहरों का प्रभाव बढ़ गया। इसके अलावा, जलाशय में निर्धारित ‘पीली चेतावनी’ जारी हो चुकी थी, परन्तु कई यात्रियों को इसका ज्ञान नहीं था, जिससे बचाव कार्य में और देरी हुई। इस त्रासदी ने यात्रियों और उनके परिवारों में गहरा शोक उत्पन्न किया है। कई लोग सोशल मीडिया पर सरकार से अपील कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियमों का पालन किया जाए। सरकार ने इस घटना की पूरी जांच का वचन दिया है और कहा है कि दोषी पाए जाने पर उन्हें कड़ी सज़ा दी जाएगी। साथ ही, शोकग्रस्त परिवारों को आर्थिक सहायता और मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान करने की घोषणा भी की गई है। समापन में यह कहना उचित होगा कि बर्गी जलाशय में हुई यह नौका दुर्घटना एक चेतावनी है कि जल श्रोतों पर सुरक्षा के मानदंडों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उचित चेतावनी संकेतों का पालन, जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षित चालक का महत्व इस घटना ने दोबारा उजागर किया है। यदि इन बातों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए, तो भविष्य में ऐसे शोकाकुल अंत को टाला जा सकता है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 03 May 2026