बांग्लादेशी चुनावों में परिणामों के ऐलान से दिन गिने-गिनते पहले, तृणमूली कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख नेताओं ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने अपने सभी गिनती एजेंटों को एकत्रित किया। यह विशेष बैठक मुख्यालय के बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई, जहाँ पार्टी के रणनीतिक कार्यकारियों, क्षेत्रीय एजेंटों और सभी स्तर के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया। मीटिंग का मुख्य उद्देश्य इस बात को सुनिश्चित करना था कि गिनती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार या अनियमितता न हो और परिणाम आने पर पार्टी का दावेदार फॉर्मूला सुदृढ़ रहे। उपस्थित सभी एजेंटों को अलग-अलग राज्यों में चल रहे गिनती के चरणों की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें संभावना वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रमुख बिंदु के रूप में मतगिनती के अंतिम चरण में होने वाले त्रुटियों की पहचान और उनका तुरंत समाधान करने की रणनीति पर चर्चा हुई। ममता बनर्जी ने कहा कि "हर एक वोट का सम्मान होना चाहिए और हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बाहरी हस्तक्षेप हमारे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके"। इसके अलावा अभिषेक ने यह भी स्पष्ट किया कि गिनती एजेंटों को किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करना होगा और यदि आवश्यक हो तो पुनर्गिनती का अनुरोध भी कर सकते हैं। इस दिशा में, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि "जो भी बूथ में बीजेपी के अति-सीमित अंतर से जीत मिली है, उनमें पुनर्गिनती की प्रक्रिया को तेज़ी से लागू किया जायेगा"। इस मीटिंग में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले एजेंटों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, जिसमें डिजिटल गिनती उपकरणों का प्रयोग, वोटिंग मशीनों की जाँच और संभावित फाइलिंग त्रुटियों की पहचान शामिल थी। साथ ही, उन्होंने सभी एजेंटों से आग्रह किया कि वे अपनी सूचनाओं को गुप्त रखेँ और किसी भी प्रकार की भड़काऊ या संवेदनशील वार्तालाप से बचें। यह कदम इस बात को ध्यान में रख कर उठाया गया है कि परिणामों के तुरंत बाद संभावित दंगाई या हिंसा से बचाव के लिए सामाजिक शांति बनाए रखी जा सके। जिन क्षेत्रों में टीएमसी को भारी जीत मिलने की संभावनाएँ थीं, वहाँ विशेष प्रतिबद्धता जताते हुए पार्टी ने कहा कि वे जीत के बाद भी आत्म-निरीक्षण और पारदर्शिता के सिद्धांतों का पालन करेंगे। अंत में, ममता ने कहा कि "परिणाम चाहे जो भी हों, लोकतंत्र की भावना को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है" और सभी एजेंटों को इस मिशन में अपना सर्वोत्तम योगदान देने का आह्वान किया। इस मीटिंग के बाद टीएमसी के गिनती एजेंटों ने फिर से एकजुट होकर, निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा दी है, जिससे बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को एक नई ऊर्जा मिली है।