हौसले और मेहनत से बदली पूजा राठौड़ की पहचान, भारत की पहली महिला व्हीलचेयर हैंडबॉल रेफरी बनने का गौरव
Pooja Rathore Wheelchair Handball Referee: पूजा राठौड़ की कहानी हौसले, मेहनत और पिता की प्रेरणा की मिसाल है. पिता से मिले प्रोत्साहन के साथ उन्होंने खेल के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया और लगातार मेहनत करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं.