उदयपुर जिले के बेकरिया थाना क्षेत्र में शाम के समय एक अत्यंत सनसनीखेज घटना सामने आई, जब 62 स्कूली बच्चों से भरी एक बस पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ पथराव कर दिया। यह वारदात उदयपुर-गोगुंदा नेशनल हाईवे पर अंजाम दी गई, जिसकी दूरी बेकरिया थाने से महज एक किलोमीटर है। बस पर अचानक हुए भारी पथराव से शीशे टूट गए और अंदर मौजूद मासूम बच्चों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस अचानक हुए आपराधिक हमले में बस के चालक, एक शिक्षक और एक अन्य व्यक्ति सहित कुल तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
उदयपुर-गोगुंदा नेशनल हाईवे पर बेकरिया थाने के इतने समीप हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और हाईवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर बदमाशों द्वारा एक स्कूली वाहन को निशाना बनाए जाने की खबर जैसे ही उदयपुर जिले में फैली, अभिभावकों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। शाम के वक्त ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले राजमार्गों पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम को जब 62 बच्चों को लेकर बस अपने मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, तभी अज्ञात अराजक तत्वों ने चलती बस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। बस के भीतर चीख-पुकार मच गई और बच्चे खुद को बचाने के लिए सीटों के नीचे छिपने का प्रयास करने लगे। पत्थरों के सीधे प्रहार से बस चालक और शिक्षक चोटिल हो गए, लेकिन चालक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए घायल होने के बावजूद वाहन पर से नियंत्रण नहीं खोया, जिससे हाईवे पर कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।
मासूम स्कूली बच्चों से भरे वाहन पर इस प्रकार के हिंसक हमले से अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस थाने से एक किलोमीटर की दूरी पर इस तरह की वारदात होना बेहद चिंताजनक है। पीड़ित बच्चों के परिजनों और नागरिक समूहों ने प्रशासन से सवाल किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर शाम के समय बेखौफ घूम रहे अपराधियों पर पुलिस का खौफ क्यों नहीं है, और थाने के इतने पास इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर बदमाश आसानी से कैसे फरार हो गए।
इस वारदात का असर केवल स्थानीय क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि कोटपूतली-बहरोड़ जिले सहित राज्य के अन्य राजमार्ग क्षेत्रों में भी स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई है। कोटपूतली-बहरोड़ जैसे प्रमुख हाईवे नेटवर्क वाले जिलों में भी अभिभावक और शैक्षणिक संस्थान वाहनों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील हैं। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य भर के सभी प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर शैक्षणिक संस्थानों की बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की तत्काल आवश्यकता है।
घटना की सूचना मिलते ही बेकरिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की। घायल चालक, शिक्षक और अन्य पीड़ित व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने अज्ञात बदमाशों की धरपकड़ के लिए आसपास के इलाकों में दबिश देना शुरू कर दिया है। बेकरिया थाने में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अज्ञात असामाजिक तत्वों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और हाईवे पर गश्त बढ़ा दी गई है।
आगामी दिनों में इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई और बदमाशों की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। नागरिक संगठनों और अभिभावक संघों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलिस गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा थाने के समीपवर्ती क्षेत्रों में नियमित पिकेट तैनात की जाए। इस आपराधिक घटना के दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजकर सख्त सजा दिलाना आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी बेखौफ बदमाश स्कूली बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।