जैसे-जैसे राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल रहा है, मौसम विभाग के अनुसार 7 अक्टूबर 2026 को राज्य भर में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के किसी भी क्षेत्र में बारिश की कोई संभावना नहीं है। प्रदेश के प्रमुख शहरी और ग्रामीण इलाकों में आसमान साफ रहेगा और निकट भविष्य में बारिश की गतिविधियां लौटने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
यह लंबी शुष्क अवधि उत्तर-पश्चिम भारत में बदलते मौसमी चक्रों की पृष्ठभूमि में सामने आई है। आमतौर पर अक्टूबर का महीना मानसून की विदाई और सर्दियों के आगमन का संक्रमण काल होता है। हालांकि, इस वर्ष वायुमंडल में बनी स्थिरता के कारण कोई भी पश्चिमी विक्षोभ या चक्रवाती परिसंचरण इस मरुस्थलीय राज्य तक नमीयुक्त हवाएं नहीं पहुंचा पाया है, जिसके परिणामस्वरूप लगातार शुष्क मौसम और स्थिर वायुमंडलीय दबाव बना हुआ है।
विशिष्ट सांख्यिकीय अनुमानों के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अधिकतम तापमान इस समय के सामान्य औसत से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने की प्रबल संभावना है। जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर सहित प्रमुख व्यापारिक और प्रशासनिक केंद्रों में दोपहर के समय खासी गर्मी महसूस की जाएगी।
स्थानीय कृषि समुदायों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने बढ़ते तापमान और बारिश की कमी पर चिंता व्यक्त की है, जिससे आगामी कृषि बुआई कार्यों के लिए मिट्टी की नमी प्रभावित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय बाजारों से जुड़े लोगों का कहना है कि हालांकि शुष्क मौसम से खरीफ की पकी हुई फसलों की कटाई में आसानी होती है, लेकिन बिना पर्याप्त नमी के तापमान का यह लगातार बढ़ना रबी फसलों के लिए अतिरिक्त सिंचाई की योजना की मांग करता है।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले और आसपास के अर्ध-शहरी बस्तियों में स्थानीय निवासी साफ आसमान और बढ़े हुए दोपहर के तापमान का सीधा असर महसूस कर रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों और दैनिक यात्रियों का कहना है कि दोपहर के समय असामान्य रूप से गर्मी बढ़ रही है, जिससे शाम की ठंडी हवाएं चलने तक बाहरी व्यावसायिक गतिविधियां कुछ समय के लिए धीमी पड़ जाती हैं।
इन मौसमी परिस्थितियों के जवाब में प्रशासनिक निकायों और स्थानीय जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने लगातार निगरानी बनाए रखी है, हालांकि वर्तमान स्थिति में किसी आपातकालीन हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। चूंकि सभी जिले वर्तमान में हरे चेतावनी स्तर के अंतर्गत आते हैं, जो सुरक्षित और गैर-खतरनाक मौसम की स्थिति को दर्शाता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन मुख्य रूप से नागरिकों को हाइड्रेटेड रहने और दोपहर की सीधी धूप से बचने की सलाह देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान के किसी भी हिस्से में बारिश की कोई महत्वपूर्ण गतिविधि दर्ज नहीं की जाएगी। साफ मौसम का यह दौर जारी रहने की उम्मीद है, जिसके साथ दिन का तापमान मौसमी औसत से थोड़ा ऊपर बना रहेगा। जनस्वास्थ्य अधिकारियों और मौसम निगरानी प्रकोष्ठ ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे पानी की पर्याप्त मात्रा का सेवन करें और मौसम संबंधी दैनिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।