मांढण (उत्तरी सीमावर्ती तहसील) (विशेष संवाददाता): मांढण क्षेत्र में ड्रिप और फव्वारा सिंचाई संयंत्र लगाने पर किसानों को 70% तक अनुदान की स्वीकृति को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां व कार्ययोजना शुरू, नागरिकों और संबंधित पक्षों में उत्साह। क्षेत्र के समग्र विकास, जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में उठाए गए इस कदम को चारों तरफ से व्यापक सराहना मिल रही है। संबंधित प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
विदित रहे कि मांढण क्षेत्र में बढ़ती आबादी, व्यापारिक गतिविधियों और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े दैनिक आवागमन के कारण इस विषय पर लंबे समय से ध्यानाकर्षण किया जा रहा था। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों, व्यापार मंडल प्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष समस्याओं को प्रमुखता से रखा था, जिसके बाद विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कराकर कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस योजना के अंतर्गत गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। निर्माण सामग्री, इंजीनियरिंग डिजाइन और कार्य संचालन की नियमित मॉनिटरिंग के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का एक विशेष निगरानी दल गठित किया गया है, जो साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय को प्रेषित करेगा।
पारदर्शी तौल और किसानों के लिए मंडी में विश्राम सुविधाएं
कार्य के दौरान आमजन और वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं। आवश्यकतानुसार यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से सुगम डायवर्जन योजना लागू की गई है। इसके अतिरिक्त आपातकालीन सेवाओं, एंबुलेंस और स्कूल वाहनों के निर्वाध आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
“मंडी में व्यापारियों द्वारा प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां लगाने से किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिल रहा है। सभी जिंसों की आवक सुचारू है।”
इस विकास कार्य के पूर्ण होने से मांढण सहित आसपास के दर्जनों गांवों और कस्बों के हजारों नागरिकों, छात्र-छात्राओं, किसानों और दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि बेहतर बुनियादी ढांचे से क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे विकास कार्यों के दौरान सहयोग बनाए रखें और किसी भी प्रकार के सुझाव अथवा समस्या की स्थिति में संबंधित विभागीय हेल्पडेस्क या समाधान पोर्टल पर संपर्क करें। कोटपूतली न्यूज़ नेटवर्क इस संबंध में आगे के सभी घटनाक्रमों पर निरंतर नजर बनाए रखेगा।