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Kota Ravan Dahan: मिट्टी के रावण को पैरों से कुचलते हैं जेठी समाज के पहलवान, कोटा में 150 साल पुरानी परंपरा

Unique Ravan Dahan In Kota: कोटा में विजयादशमी पर रावण दहन की अनोखी परंपरा है. यहां जेठी समाज के लोग आग से नहीं, बल्कि मिट्टी से बने रावण को पैरों तले रौंदकर उसका अंत करते हैं. इसके बाद अखाड़े में कुश्ती का दंगल होता है.

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Kotputli News प्रकाशित: 21 Oct 2026, 04:31 AM
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Kota Ravan Dahan: मिट्टी के रावण को पैरों से कुचलते हैं जेठी समाज के पहलवान, कोटा में 150 साल पुरानी परंपरा
Kota Ravan Dahan: मिट्टी के रावण को पैरों से कुचलते हैं जेठी समाज के पहलवान, कोटा में 150 साल पुरानी परंपरा फोटो आभार: News18 Rajasthan State Wire
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Unique Ravan Dahan In Kota: कोटा में विजयादशमी पर रावण दहन की अनोखी परंपरा है. यहां जेठी समाज के लोग आग से नहीं, बल्कि मिट्टी से बने रावण को पैरों तले रौंदकर उसका अंत करते हैं. इसके बाद अखाड़े में कुश्ती का दंगल होता है. मिट्टी में दूध, दही, शक्कर और शहद मिलाए जाते हैं, ताकि रावण को कुचलने के बाद हो क्षेत्रीय संवाददाताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही संबंधित प्रशासनिक अमला और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और सुरक्षा व्यवस्था, वस्तुस्थिति तथा जनसामान्य की सुविधाओं का गहन जायजा लिया।

विभागीय सूत्रों एवं प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार, यह घटनाक्रम क्षेत्र में जारी व्यापक निगरानी और बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा का हिस्सा है। हाल के दिनों में जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा सार्वजनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित औचक निरीक्षण और फील्ड मॉनिटरिंग के विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

घटनास्थल पर तैनात तकनीकी दल एवं जांच अधिकारियों द्वारा प्राथमिक साक्ष्यों का संकलन किया गया तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले तत्वों के विरुद्ध आवश्यक विधिक एवं विभागीय कार्यवाही की रूपरेखा तैयार की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक शांति और नागरिक हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

स्थानीय नागरिक संगठनों, व्यापार मंडलों एवं ग्राम प्रतिनिधियों ने मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रशासन से त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान की मांग की है। प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान से ही व्यवस्था में जनविश्वास सुदृढ़ होता है।

जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों ने समीक्षा बैठक आयोजित कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विभागीय तंत्र पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से कोटपूतली-बहरोड़ औद्योगिक गलियारा और राष्ट्रीय राजमार्ग 48 क्षेत्र राज्य के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे में स्थानीय व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन व्यापारिक गतिविधियों, सुगम यातायात और नागरिक जीवन की सुगमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

आगामी कदमों के तहत प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा उच्चाधिकारियों को दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रेषित की जा रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और आधिकारिक संचार माध्यमों से जारी निर्देशों का ही पालन करें।

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सत्यापित पत्रकार

कोटपूतली-बहरोड़ जिला संवाददाता एवं संपादकीय डेस्क

तथ्य-जांच सत्यापित

यह समाचार रिपोर्ट कोटपूतली न्यूज़ संपादकीय आचार संहिता के तहत प्रकाशित की गई है। यदि आपको इसमें कोई तथ्यात्मक त्रुटि प्रतीत हो तो सुधार हेतु संपर्क करें।

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