कोटा दशहरा मेले 2026 का आधिकारिक रूप से भव्य शुभारंभ हो चुका है, जहाँ पारंपरिक शिल्प कौशल और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण 105 फीट ऊंचा हाईटेक रावण है, जो देश-विदेश से आने वाले दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह विशाल रचना पारंपरिक पुतला दहन की कला को एक नए तकनीकी आयाम पर ले जाती है।
ऐतिहासिक रूप से, कोटा दशहरा मेला अपनी भव्यता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए पूरे क्षेत्र में विशिष्ट स्थान रखता है। दशकों से यह आयोजन राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक प्रमुख माध्यम रहा है। समय के साथ इसमें कई आधुनिक बदलाव किए गए हैं ताकि युवा पीढ़ी और पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
वर्ष 2026 के इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता 105 फीट ऊंचे रावण के पुतले में की गई उन्नत तकनीकी सजावट है। यह रावण अपनी गर्दन को 360 डिग्री घुमाने, आंखें झपकाने और तलवार चलाने जैसी अद्भुत खूबियों से लैस है। इसके साथ ही 72-72 फीट के कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी खड़े किए गए हैं, जो इस ऐतिहासिक आयोजन के विशाल स्वरूप को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।
विशाल पुतलों के अलावा, मेले परिसर में रंग-बिरंगे झूले, खान-पान की स्वादिष्ट दुकानें और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव की रौनक को कई गुना बढ़ा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों ने इस वर्ष रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की है, क्योंकि हाईटेक रावण की लोकप्रियता ने व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक लाभ को काफी हद तक बढ़ावा दिया है।
इस मेले का सकारात्मक प्रभाव केवल कोटा तक सीमित नहीं है, बल्कि कोटपुतली-बहरोड़ सहित आसपास के जिलों पर भी इसका गहरा असर देखा जा रहा है। परिवहन सेवाओं, होटल उद्योगों और क्षेत्रीय पर्यटन को इस आयोजन के दौरान बड़ा प्रोत्साहन मिला है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में उत्सव का माहौल और आर्थिक गतिशीलता बनी हुई है।
इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और मेला समितियों की कड़ी मेहनत और प्रशासनिक मुस्तैदी शामिल है। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जैसे-जैसे मेले के दिन आगे बढ़ रहे हैं, मुख्य दहन समारोह को लेकर आम जनता में उत्साह चरम पर पहुंच रहा है। कोटा दशहरा मेला 2026 ने परंपरा और तकनीक के बेहतरीन तालमेल का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह भविष्य के आयोजनों के लिए एक नया और प्रेरणादायक मानक स्थापित करता है।