दीपावली 2026 के राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आयोजनों से ठीक पहले, राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों ने मिलावटखोरी और धोखाधड़ी वाले व्यावसायिक तौर-तरीकों के खिलाफ अपनी निगरानी और कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई क्षेत्रीय जिलों में लक्षित अभियान चलाए हैं, जिसमें डेयरी उत्पादों, खाद्य तेलों और पारंपरिक त्योहारों की मिठाइयों जैसी उच्च खपत वाली वस्तुओं को प्राथमिकता दी गई है। इन पूर्व-निवारक उपायों का उद्देश्य जनस्वास्थ्य की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारी खरीदारी के मुख्य सीजन के दौरान उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिले।
त्योहारी सीजन के दौरान पारंपरिक रूप से दूध से बने उत्पादों, विशेषकर देसी घी, पनीर और विभिन्न खोवा आधारित मिठाइयों की बाजार मांग में भारी वृद्धि देखी जाती है। ऐतिहासिक रूप से, यह वार्षिक उछाल बेईमान व्यापारियों के लिए खुले बाजार में घटिया, सिंथेटिक या पूरी तरह से नकली विकल्प पेश करने के अवसर पैदा करता है। इस निरंतर खतरे को देखते हुए, राजस्थान भर के विनियामक प्राधिकरणों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं की निगरानी करने और विनिर्माण इकाइयों तथा खुदरा दुकानों पर औचक निरीक्षण करने के लिए विशेष प्रवर्तन दलों का गठन किया है।
अलवर में हाल ही में संचालित प्रवर्तन अभियानों के दौरान, स्थानीय खाद्य सुरक्षा टीम ने कठोर निरीक्षण प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नकली डेयरी उत्पादों के एक बड़े जड़े का भंडाफोड़ किया। एक प्रमुख खुदरा दुकान पर प्रदर्शित डिब्बाबंद घी के पैकेटों की जांच करने पर, निरीक्षण अधिकारियों ने स्पष्ट दृश्य और पैकेजिंग संबंधी विसंगतियों को नोट किया, जिससे उत्पाद की प्रामाणिकता पर तत्काल संदेह पैदा हुआ। तत्काल स्टोरफ्रंट से परे जांच के दायरे को बढ़ाते हुए, निरीक्षण टीम ने दुकानदार के जुड़े हुए रिસાયशी परिसर की भी गहन तलाशी ली, और नकली सरस घी से भरे दो छिपे हुए कार्टूनों को सफलतापूर्वक बरामद किया, जिससे कुल जब्त मात्रा 36 किलोग्राम हो गई।
इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जालोर जिले भर में व्यावसायिक रूप से उपलब्ध त्योहारी मिठाइयों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निगरानी के लिए गहन औचक निरीक्षणों की एक श्रृंखला संचालित की। निरीक्षकों ने कई मिष्ठान भंडारों और मिठाई विक्रेताओं का दौरा किया, विनिर्माण स्वच्छता, भंडारण स्थितियों और कच्चे माल के स्रोतों की बारीकी से जांच की। प्रमुख त्योहारों के दौरान जहरीले योजकों और घटिया सामग्रियों को लेकर जनता की गंभीर चिंताओं को देखते हुए, विभाग ने राज्य-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में कठोर परीक्षण के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से औपचारिक खाद्य नमूने एकत्र किए।
इन प्रशासनिक हस्तक्षेपों के प्रभाव अलवर और जालोर की तात्कालिक नगरपालिका सीमाओं से कहीं आगे तक हैं, और कोटपूतली-बहरोड़ जैसे वाणिज्यिक केंद्रों के भीतर भी गहराई से गूंज रहे हैं। कोटपूतली क्षेत्र के स्थानीय उपभोक्ता संघों और व्यापार मंडलों ने इन कड़े विनियामक कार्यों के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया है, इस बात पर जोर दिया है कि बड़े पैमाने पर खाद्य मिलावट जन सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है और साथ ही ईमानदार व्यापारियों को अनुचित आर्थिक नुकसान पहुंचाती है। स्थानीय समुदाय अत्यधिक सतर्क बना हुआ है, और त्योहारों के दौरान परिवारों को खतरनाक नकली उत्पादों से बचाने के लिए निरंतर निगरानी की मांग कर रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने त्योहारी सीजन के दौरान और उसके बाद भी कड़े विनियामक प्रवर्तन को बनाए रखने की अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है। अलवर में जब्त किए गए नकली सरस घी की खेप को प्रासंगिक खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगामी कानूनी कार्यवाही के लिए औपचारिक रूप से सील और प्रलेखित कर लिया गया है। इसके अलावा, जालोर से एकत्र किए गए नमूनों से संबंधित प्रयोगशाला रिपोर्टें वैधानिक शुद्धता मानकों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले किसी भी व्यापारी के खिलाफ औपचारिक अभियोजन उपायों की शुरुआत का निर्धारण करेंगी।
भविष्य की ओर देखते हुए, खाद्य सुरक्षा विभाग ने घोषणा की है कि खुफिया सूचनाओं पर आधारित निरीक्षण और मोबाइल परीक्षण दल दीपावली 2026 के उत्सवों के समापन तक पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे त्योहारी मिठाइयों और डेयरी उत्पादों को खरीदते समय अत्यधिक सतर्क रहें, और व्यापक सामुदायिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी संदिग्ध व्यावसायिक गतिविधि या घटिया सामान की तुरंत निकटतम जिला प्रशासन कार्यालय में रिपोर्ट करें।