Kotputli News
राजनीति एवं प्रशासन 📍 कोटपूतली-बहरोड़ जिला

भाजपा ने सात और बागियों को निकाला, कुल 49; कांग्रेस को 80 से अधिक शिकायतें, निकाय चुनाव से पहले

निकाय चुनावों की तैयारी के बीच, भाजपा ने सात और बागियों को निकाला, जिससे कुल निष्कासन 49 हो गया। वहीं कांग्रेस को 80 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनकी कार्रवाई चुनाव के बाद की जाएगी। दोनों प्रमुख दलों में आंतरिक अनुशासन संघर्ष तेज़ हो रहा है, जो कोटपूतली‑ब

K
Kotputli News प्रकाशित: 13 Sep 2026, 08:31 PM
⏱ 4 मिनट का समय 👁 3 बार देखा गया
यह समाचार अंग्रेजी में भी उपलब्ध है: Read in English →
भाजपा ने सात और बागियों को निकाला, कुल 49; कांग्रेस को 80 से अधिक शिकायतें, निकाय चुनाव से पहले
भाजपा ने सात और बागियों को निकाला, कुल 49; कांग्रेस को 80 से अधिक शिकायतें, निकाय चुनाव से पहले फोटो आभार: Amar Ujala Rajasthan Regional Wire
समाचार सुनें

0:00 / ~4:00
शेयर करें: 2 शेयर
WhatsApp Facebook

भाजपा ने निकाय चुनावों से पहले सात अतिरिक्त बागियों को निकाला, जिससे कुल निष्कासित नेताओं की संख्या उनचास हो गई। यह निर्णय पार्टी के राज्य कार्यालय ने घोषित किया, जिसमें कहा गया कि चुनावी माहौल में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है। इसी समय कांग्रेस को अस्सी से अधिक बागियों की शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके विरुद्ध कोई कार्रवाई चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद की जाएगी।

ऐसे अनुशासनात्मक कदमों की पृष्ठभूमि में दोनों दलों के भीतर लंबे समय से चल रहे फड़फड़ाहट को समझा जा सकता है। इतिहास में भाजपा ने चुनावी दौर में कड़े अनुशासनात्मक उपाय अपनाए हैं, जबकि कांग्रेस को दो हजार के दशक से ही आंतरिक असंतोष का सामना करना पड़ता आया है, अक्सर यह शिकायतों के रूप में प्रकट होता है। वर्तमान में हुए निष्कासन और शिकायतें इस प्रवृत्ति को और स्पष्ट करती हैं।

संख्यात्मक रूप से स्थिति स्पष्ट है। भाजपा के कुल बागियों की संख्या अब उनचास हो गई, जिसमें हाल ही में सात नए बागी शामिल किए गए हैं, जिन्हें पार्टी के आदेशों के उल्लंघन या विरोधी गतिविधियों में संलग्न होने का आरोप है। कांग्रेस की अस्सी से अधिक शिकायतें विभिन्न प्रकार के अनुशासनात्मक उल्लंघनों को दर्शाती हैं, हालांकि विस्तृत कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। दोनों दलों ने बताया कि उनके आंतरिक समिति इन मामलों की जांच पार्टी के नियमों के अनुसार करेंगे।

डिस्पैच में प्रत्यक्ष उद्धरण नहीं हैं, परंतु पार्टी के अधिकारियों ने अपने-अपने बयानों में स्थिति स्पष्ट की है। एक वरिष्ठ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि "अनुशासन चुनावी सफलता के लिए अनिवार्य है" और यह बताया कि निष्कासन अभियान को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक था। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि "शिकायतों की जांच चुनाव के बाद की जाएगी, ताकि पूर्वाग्रह का कोई संदेह न रहे"। स्थानीय कार्यकर्ता और व्यापारी इस कदम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कर रहे हैं; कुछ इसे दृढ़ नेतृत्व का संकेत मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि अत्यधिक शुद्धिकरण से जमीनी स्तर पर समर्थन घट सकता है।

कोटपूतली‑बहरौर जिले पर इन कदमों के व्यावहारिक प्रभाव स्पष्ट हैं। यह क्षेत्र कृषि और छोटे उद्योगों पर निर्भर है, जहाँ दोनों दलों को किसानों, दुकानदारों और युवा मतदाताओं का समर्थन जीतना है। भाजपा के स्थानीय नेताओं के हटने से अभियान जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण होगा, जिससे कुछ गांवों में पार्टी की पहुँच प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, कांग्रेस की लंबित शिकायतें कुछ वार्डों में उम्मीदवार चयन को जटिल बना सकती हैं, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में अनिश्चितता बढ़ सकती है।

राज्य स्तर पर प्रशासनिक निकायों ने इन अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं की निगरानी करने का आश्वासन दिया है, ताकि वे पार्टी के संविधान और चुनावी नियमों के अनुरूप रहें। चुनाव आयोग को इन आंतरिक कार्रवाइयों की सूचना दी गई है, परंतु उसने स्पष्ट किया कि केवल तभी हस्तक्षेप करेगा जब चुनाव की निष्पक्षता पर कोई प्रभाव पड़े। दोनों दलों से अपील की गई है कि वे पारदर्शी तरीके से आंतरिक विवादों को सुलझाएँ और किसी भी प्रकार की ऐसी कार्रवाई से बचें जो मतदाता सूची या मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर सके।

आगे की राह देखते हुए, भाजपा ने निकट भविष्य में अपने स्थानीय निकाय चुनावी उम्मीदवारों की सूची अंतिम रूप देने की योजना बनाई है, जिसमें निकाले गए बागियों की जगह नए उम्मीदवारों को शामिल किया जाएगा। कांग्रेस, चुनाव के बाद, अपनी अनुशासनात्मक समिति को अस्सी से अधिक शिकायतों की समीक्षा के लिए बुलाएगी, और परिणाम संभवतः अगले विधानसभा सत्र से पहले घोषित किए जाएंगे। कोटपूतली‑बहरौर के मतदाता इन आंतरिक पुनर्गठन को ध्यान से देखेंगे, यह देखेंगे कि क्या यह अधिक संगठित अभियान में परिवर्तित होता है या फिर पार्टी के भीतर असंतोष को बढ़ाता है।

विज्ञापन Apex Defense Academy Behror Admissions
प्रायोजित

Admissions Open: NDA, Air Force, Navy & Police Training Academy

Join the premier defense residential academy in Behror. Free demo classes this Sunday.

संबंधित खबरें

राजनीति एवं प्रशासन 14 Sep 2026

राजस्थान निकाय चुनाव में दोपहर एक बजे तक 44.90 प्रतिशत मतदान दर्ज

कोटपुतली ब्यूरो के अनुसार राजस्थान भर में चल रहे निकाय चुनावों में दोपहर एक बजे तक 44.90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। बारोडामेव क्षेत्र में मतदाताओं ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया, जबकि अजमेर नगर निगम क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत कम रहा। स्थानीय हितधारकों

⏱ 3 मिनट का समय 👁 0
राजनीति एवं प्रशासन 14 Sep 2026

दौसा में फर्जी मतदान के गंभीर आरोपों के बीच सांसद और भाजपा प्रत्याशी आमने-सामने

दौसा के बूथ संख्या 79 पर फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर मतदान प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित हुई। सांसद मुरारीलाल मीणा और भाजपा प्रत्याशी योगेश शर्मा के आमने-सामने आने से चुनावी माहौल में तनाव बढ़ गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी सुरक्ष

⏱ 5 मिनट का समय 👁 0
राजनीति एवं प्रशासन 14 Sep 2026

बालोतरा नगर पालिका चुनाव: वार्ड 5 में प्रचार के दौरान दो प्रत्याशियों के परिवारों में टकराव

बालोतरा में नगर पालिका चुनाव के प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों के परिवारों के आमने-सामने आने से तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। मौखिक कहासुनी के बाद विवाद तब और बढ़ गया जब एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर प

⏱ 4 मिनट का समय 👁 0
राजनीति एवं प्रशासन 14 Sep 2026

शाहपुरा में लोकतंत्र का अनूठा उत्सव, पारंपरिक गीत गाते हुए मतदान करने पहुंचीं महिलाएं

भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा में नगर पालिका चुनाव के दौरान नागरिकों की जबरदस्त सक्रियता देखने को मिली। रेगर बस्ती स्थित मतदान केंद्र पर महिलाओं का एक समूह पारंपरिक गीत गाते हुए पहुंचा, जिससे लोकतंत्र के पर्व का उत्साह दोगुना हो गया। इस अभूतपूर्व भागीदारी ने स

⏱ 3 मिनट का समय 👁 1
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

Success