बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा क्षेत्र में ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक और अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। इस विशेष अभियान के तहत उन मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर उच्च शैक्षणिक मानक स्थापित किए हैं।
शिक्षाविदों और समाज सुधारकों का मानना है कि ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, बल्कि उन्हें केवल उचित मंच, प्रोत्साहन और व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस अनूठी पहल की रूपरेखा तैयार की गई ताकि विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान मिल सके।
समाजसेवी निलेश सिंघाड़ा ने आगे आकर इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया और अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए मेधावी विद्यार्थियों के लिए हवाई यात्रा की व्यवस्था की। इस विशेष प्रोत्साहन के तहत उन बारह विद्यार्थियों का चयन किया गया जिन्होंने अपनी परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे।
चयनित बारह मेधावी विद्यार्थियों ने दिल्ली से जयपुर तक का ऐतिहासिक विमान सफर पूरा किया। कई विद्यार्थियों के लिए यह जीवन का पहला हवाई सफर था, जिसने उनके भीतर असीम आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति एक नई दृष्टि का संचार किया है।
हवाई यात्रा के साथ-साथ इस ऐतिहासिक भ्रमण कार्यक्रम में दोनों प्रमुख शहरों के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दर्शनीय स्थलों का दौरा भी शामिल था। विद्यार्थियों ने दिल्ली और जयपुर के प्रसिद्ध स्मारकों का भ्रमण किया, जिससे उनकी ऐतिहासिक और व्यावहारिक जानकारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
क्षेत्रीय निवासियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने इस मानवीय तथा प्रेरणादायक पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों का मनोबल बढ़ता है और वे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए और अधिक लगन से परिश्रम करते हैं।
इस प्रकार के दूरदर्शी आयोजनों से भविष्य में अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई के प्रति गंभीर होने की प्रेरणा मिलेगी। समाज के विभिन्न वर्गों से मिल रहे सकारात्मक समर्थन को देखते हुए यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह के प्रेरणादायक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और ग्रामीण प्रतिभाओं को चमकने के अनगिनत अवसर प्राप्त होंगे।