अगले हफ्ते विदेशियों के प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉरमुज जलडमरूमध्य की संभावित बाधा को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। इस जलडमरूमध्य को रोकने से तेल व जहाजों की चाल पर बड़ी असर पड़ सकता है, इसलिए कई देशों ने इस पर बातचीत की तैयारी की है। भारत के विदेश मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को समर्थन देने की कोशिश की है और संभवतः मध्यस्थता में भूमिका निभा सकता है। भारतीय नौसेना ने 10 जहाज़ों को सुरक्षित रूप से हॉरमुज से निकलते हुए बताया, जबकि 14 अन्य जहाज़ अभी भी खाड़ी में फंसे हैं। इस सभा में सभी देशों के प्रतिनिधि इन मामलों पर रणनीतिक समाधान निकालने का लक्ष्य रखेंगे।