अमेरिकी नौसेना ने खाड़ी के जल में एक और युद्धपोत तैनात किया, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। इस कदम के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने बड़े पैमाने पर परमाणु हथियारों के प्रयोग के सवाल का जवाब दिया। ट्रम्प ने कहा कि वह सीधे तौर पर Iran पर परमाणु हमला नहीं करेंगे और कोई निश्चित समय सीमा नहीं देंगे। उनके इस बयान से यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक उपायों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि सैन्य मजबूती का संकेत भी दे रहा है। इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंतावाद दर्शाया और स्थिति के शांतिपूर्ण हल को अपील की।