अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक टिप्पणीकार की बात को दोहराते हुए भारत को ‘हेलहोल’ (दुःस्वप्न) कहा और अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता के सिद्धांत को सवाल किया। ट्रम्प ने भारत और चीन दोनों को जन्मसिद्ध नागरिकता के मुद्दे पर तीखी आलोचना की, जिससे विदेश मंत्रालय ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस प्रकार के बयानों को अस्वीकार करते हैं और भारत की लोकतांत्रिक प्रथा का समर्थन करते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे बयानों को भारत के अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुँचाने वाला माना गया है। कई भारतीय मीडिया आउटलेट्स ने इस बात को उजागर किया कि ट्रम्प की टिप्पणियों ने भारत के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चा का मार्ग प्रशस्त किया, जबकि अमेरिकी नागरिकता नीति पर भी इस अवसर पर बहस तेज हो गई।