अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सपोर्टर की पोस्ट को दोबारा साझा कर भारत और चीन को "हेलहोल ऑन द प्लैनेट" कहा, क्योंकि वे जन्मसिद्ध नागरिकता देते हैं। इस टिप्पणी को भारतीय और विदेश मीडिया ने व्यापक रूप से उजागर किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ट्रम्प के इस बयान में तथ्यों का अभाव है और यह एक भावनात्मक टिप्पणी है। मंत्रालय ने कहा कि भारत की नागरिकता नीति संविधान में निर्धारित है और इसे बदलने की कोई योजना नहीं है। ट्रम्प की इस टिप्पणी को अनेक देशों ने भी असहयोगी बताया, जबकि भारत ने अपने कानूनों के प्रति दृढ़ता जताई। इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत‑चीन के संबंधों पर चर्चा को और तेज़ कर दिया।