संयुक्त राज्य के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन को जन्मस्थ अधिकार के आधार पर नागरिकता देने के लिये "ग्रह पर सबसे बड़ा हेलहोल" कहा और यह टिप्पणी फिर से साझा की। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे भ्रामक और आपत्तिजनक बयान से दो देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों पर असर नहीं पड़ना चाहिए। विदेश विभाग ने यह स्पष्ट किया कि भारत के वैध नागरिकता कानूनों में कोई कमी नहीं है और यह विवादित मुद्दा एक देश के भीतर के नीतिगत प्रश्न है, न कि अंतर्राष्ट्रीय मानदंड का मुद्दा। इरान ने भी इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत और चीन दोनों ही सभ्यताओं के कोहेशिया हैं और उन्हें इस प्रकार के अपमानजनक शब्दों से नहीं दर्शाया जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि ट्रम्प की इस प्रकार की सामाजिक मीडिया पोस्ट अक्सर विवाद का कारण बनती है और इससे महाशक्तियों के बीच वैचारिक तनाव बढ़ सकता है।