ईरान ने 12 अप्रैल को हार्मुज जलडमरूमध्य में तीन व्यापारिक जहाज़ों पर मिसाइल और रॉकेट प्रहार कर किया। पहले दो जहाज़, जो इराक और भारत के बीच यात्रा कर रहे थे, को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रोक कर कब्ज़ा किया और उनके चालक दल को सुरक्षित निकाला गया। तीसरे जहाज़ को तुरंत क़ैद नहीं किया गया, पर उसका त्रासदी का सामना करना पड़ा। ईरान ने कहा कि ये कदम अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये है, जबकि कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय जलप्रवाह में बाधा बतायी। इस घटना ने वैश्विक तेल कीमतों में उछाल पैदा किया और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाया। कई जहाज़ों ने अपने मार्ग बदल लिए और समुद्री सुरक्षा बलों ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी।