सुप्रीम कोर्ट ने बातचीत में कहा कि वह किसी भी वास्तविकता को अनदेखा नहीं कर सकता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मांता बनर्जी द्वारा इंटेलिजेंस पैकेजिंग एंटी‑कॉरप्शन (आई‑पैक) के गुप्त जांच में दखलंदाजी को "हस्तक्षेप" बताया। कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री का लगातार पुलिस और एजेंसियों के कार्य में बाधा डालना न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कुखराता है। न्यायपालिका ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य में ईडी के छापेमार पर संसद या केंद्र‑राज्य विवाद नहीं है, बल्कि यह कानून के अंतर्गत किया गया कार्य है। इसके अलावा, कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह जांच को बिना किसी दबाव के जारी रखे और न्यायालय के आदेशों का अनुसरण करे।