सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि जब पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ईडी की जांच में भाग लेती हैं, तो इसे केंद्र और राज्य के बीच के झगड़े के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है और सभी को समान रूप से जांच के दायरे में लाना चाहिए। न्यायालय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किसी भी उच्च पदस्थ अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता। इस निर्णय में कोर्ट ने आई‑पैक मामले में भी ममता बनर्जी की कार्रवाई की आलोचना की, कहकर बताया कि इस प्रकार की कार्रवाइयाँ लोकतंत्र को खतरे में डाल सकती हैं।