भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमण्डल ने चुनाव आयोग (ईसीआई) से मुलाकात की और कांग्रेस के नेता अमरजित खड़े को प्रधानमंत्री मोदी के बारे में "आतंकवादी" टिप्पणी करने के लिए कड़ी सजा की मांग की। कई राजनीतिक नेताओं ने खड़े के इस बयान का विरोध किया, कहकर कि आतंकवाद और आतंकवादी टिप्पणी में अंतर नहीं होना चाहिए। विपक्षी पार्टियों के कई सदस्य और सांसद ने इस बात पर कहा कि यह टिप्पणी राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुँचाती है। साथ ही, बीजेपी के कई नेता इसपर पार्टियों के बीच शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए, खड़े के बयान को अस्वीकार करने की मांग कर रहे हैं।