पश्चिम बंगाल में बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने सोशल मीडिया पर उन लोगों को संदेश भेजा, जो टोपी पहनते हैं या मांस का व्यापार करते हैं, यह कहकर कि उन्हें सत्यानाथियों द्वारा कोई नुकसान नहीं किया जाएगा। यह टिप्पणी आगामी राज्य चुनाव के माहौल में आई, जहाँ कई राजनेता मतदाताओं को आकर्षित करने के लिये धार्मिक तथा सांस्कृतिक पहचान को लेकर अलग‑अलग संदेश दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस बयान को संकीर्ण विचारधारा का पक्षपात मानते हुए आलोचना की, जबकि बीजेपी ने इसे धार्मिक सद्भावना के प्रति समर्थन कहा। इस बीच, चुनावी रणभूमि में मतदाताओं को आकर्षित करने के लिये मतदाता समूहों को विभिन्न प्रतीकात्मक वस्तुएँ जैसे सैफ़िश, माँस, और धार्मिक टोपी लेकर रोडशो भी आयोजित किए जा रहे हैं।