प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह मंत्रियों में से एक राजनाथ सिंह का कहना है कि हॉरमुज़ जलमार्ग में संभावित बाधा दूर नहीं है और इसके परिणाम भारत के लिए सीधे होते हैं। उन्होंने जर्मनी में भारतीय उद्योग को साथ मिलकर विकास करने का आह्वान किया, साथ ही इस मुद्दे पर अपने मंच से भारत की रणनीतिक चिंताओं को उजागर किया। भारत की ऊर्जा आपूर्ति, नौसैनिक सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर इस जलमार्ग की अस्थिरता का बड़ा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए, राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस बात को दोहराया कि भारत को इस क्षेत्र में हर संभव कदम उठाना चाहिए।