पाकिस्तान इस समय बहुत तेज़ी से काम कर रहा है ताकि इरान को अमेरिका के साथ पुनः वार्ता में लाया जा सके, क्योंकि युद्धविराम की अवधि समाप्त होने की संभावना निकट है। दोनों देशों के बीच शत्रुता के कारण क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति को सुलझाने के लिए दबाव बना रहा है। पाकिस्तान ने इरान के नेताओं को अमेरिकी शर्तों पर चर्चा करने का आग्रह किया, परन्तु अब तक इरान ने बैठक में भाग लेने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। इस बीच, अमेरिकी सांसद जे. डेनियल वांस ने पाकिस्तानी यात्रा को स्थगित कर दिया है, क्योंकि इरान ने शर्तों को अस्वीकार कर दिया है। यदि वार्ता का मार्ग नहीं खुला, तो मध्य एशिया में सुरक्षा जोखिम और बढ़ सकते हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता में इज़ाफ़ा हो सकता है।