पाहलगाम में हुए आतंकवादी कात्ल के एक साल बाद, भारतीय सुरक्षा बलों ने कार्रवाई का दायरा कश्मीर के पहाड़ी जंगलों तक बढ़ा दिया। सेना और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने मिलकर तीन आतंकियों को खोजा और मारा, जो पाकिस्तान शरण ले जाने की कोशिश में थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सहयोग किया, जिससे कई पर्यटन समूहों को बचाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना की पहली वर्षगांठ पर शहीदों को शोक संदेश भेजा और कहा कि भारत कभी भी आतंक के सामने झुकेगा नहीं। कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में सुधार लाने के लिए अब जमीनी स्तर पर और अधिक सतर्कता और अभियानों की योजना बनाई गई है।