बीहड़ के सांसद पप्पू यादव ने कहा कि "90 प्रतिशत महिलाएँ बिना नेताजी के कमरे में जाएँ राजनीति में नहीं आ सकतीं" और इसे "बेडरूम" का उल्लेख करके महिलाओं को अपमानित किया। इस टिप्पणी से कई दल और महिलाओं के अधिकार संगठनों में गुस्सा उठे। भाजपा ने बयान पर कार्रवाई की माँग की, जबकि विपक्षी नेता और सामाजिक समूहों ने इसे लैंगिक भेदभाव बताकर कड़ी निंदा की। राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव को आधिकारिक नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी बात वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी माँगने को कहा। यह मुद्दा अब संसद में भी चर्चा का विषय बन चुका है, जहाँ महिलाओं की राजनैतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों की मांग की जा रही है।