जर्मनी के एक गुरुद्वारे में दो सिख समूहों के बीच तीव्र टकराव हुआ। संघर्ष में कई लोग अपने‑अपने सिर पर तुर्की (पगड़ी) और कड़हिया (किरपन) लेकर आए। झड़प के दौरान कुछ लोगों ने अग्निास्त्र चलाया, जिससे 11 लोगों को चोटें आईं। पुलिस को बुलाया गया, लेकिन भीड़ को बिखेरने में देर हुई। कई लोगों को चोटों के कारण स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गया। इस हिंसा की निंदा कई सिख संगठनों ने की, जिन्होंने इसे गुरु के सम्मान के विरुद्ध बताया। पुलिस जाँच कर रही है और सुरक्षा उपायों को कड़ा करने की बात कही गई है।