ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता से पहले अपने सैन्य कदमों में बदलाव का इशारा किया है। ईरान ने कहा कि कोई भी बातचीत तब तक नहीं हुईगी जब तक दुश्मनी की धमकी का माहौल न हो। ईरान के रक्षा प्रधान ग़ालिबफ़ ने कहा कि जब तक वार्ता में प्रगति नहीं होती, वह नई सैन्य रणनीतियाँ तैयार कर रहे हैं और "नए कार्ड" मैदान में पेश करेंगे। उनका कहना है कि सैन्य तैयारी यह दर्शाती है कि शर्तें और मांगें स्पष्ट हों, तभी शांति प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इन बयानों से अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान की भरपूर शक्ति को दर्शाने और वार्ता को दबाव में रखने की कोशिश को बताया है।