संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरानी मालिकाना जहाज़ को अफ़रातफ़सी में जब्त कर लिया, जबकि पाकिस्तान में दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने का दावा किया। इस घटना के बाद भी दोनों देशों ने कहा कि पाकिस्तान में शांति वार्ता पर कोई रोक नहीं आएगी। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थी, जबकि ईरानी प्रतिनिधि ने इसे अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन बताया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वार्ता में सभी आवश्यक पक्षों की सहभागिता बनी रहेगी और इस घटना का वार्ता प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा।