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Breaking News: संयुक्त राज्य ने हॉरमुझ बंदी के बाद 140 इरानी टीमें पर प्रहार किया, तेहरान ने यूएई‑कतर पर की गोलीबारी
🕒 1 hour ago

हॉरमुझ जलडमरूमध्य की अचानक बंदी के बाद United States की सेना ने इराक‑ईरान के बीच तनाव को तिव्रता से बढ़ाते हुए 140 इरानी सैन्य लक्ष्य पर सटीक हवाई हमले किए। इस कार्रवाई के जवाब में बीरुत के पास स्थित इरान की राजधानी तेहरान ने मध्य पूर्व के दो प्रमुख अरब देशों—संयुक्त अरब एमिरेट्स और कतर—पर रॉकेट हमले किए, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता की लकीरें और गहरी हो गईं। यह श्रृंखलाबद्ध हिंसा उन घटनाओं की पृष्ठभूमि बन गई है जहाँ इरानी नौका ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉरमुझ में एक नागरिक जहाज पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना ने इसे जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा। हॉरमुझ जलडमरूमध्य को बंद करने के बाद अमेरिकी नौसेना ने तैनात द्वीप समूह से कई बिंदुओं पर मिसाइलें छोड़ीं, जिनमें तटीय महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचा, एंटी‑एयर सिस्टम और रडार स्टेशन शामिल थे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये लक्ष्य इरान के सैन्य क्षमताओं को घटाने और उसकी समुद्री खतरों को रोका जा रहा था। इस अभियान में प्रयुक्त हथियारों में क्रूज़ मिसाइल, लेज़र‑संचालित ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिक जामिंग उपकरण शामिल थे, जो इरानी रक्षा व्यवस्था को अक्षम करने के लिए नियत थे। सरकार ने यह भी कहा कि ये हमले किन्ही भी नागरिक जीवन को खतरे में नहीं डालेंगे, परन्तु इरान की रणनीतिक बुनियादी सुविधाओं को तहस‑नहस करने के लिये लक्षित थे। इन हमलों के प्रत्युत्तर में तेहरान ने तुरंत कार्रवाई की और दुबई, अबू धाबी और कतर के प्रमुख तेल टर्मिनलों के निकट स्थित सैन्य आधारों पर रॉकेट फेंके। इस हमले में कुछ बुनियादी ढाँचे को क्षति पहुँची और कई कर्मियों को चोटें आईं, परंतु बड़ी तबाही की रिपोर्ट नहीं मिली। इरानी राष्ट्रपति ने इस प्रतिक्रिया को “आक्रमणकारी और प्रतिबंधात्मक नीति का उचित प्रतिकार” कहा, और कहा कि इरान आगे भी अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिये सैन्य उपाय अपनाता रहेगा। इस बीच, अमीराती और कतर की सरकारों ने इरान की कार्रवाई को कूटनीतिक रूप से निंदनीय कहा, और संयुक्त राष्ट्र की शांतिपूर्ण मध्यस्थता की अपील की। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस तीव्र संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। संयुक्त राष्ट्र के स्थायी सदस्य देशों ने दोनों पक्षों से परस्पर संयम रखने और वार्ता की राह अपनाने का आह्वान किया। यूरोपीय संघ ने कहा कि मध्य‑पूर्व में आगे कोई भी सैन्य विस्तार क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है, और सभी पक्षों से कूटनीतिक समाधान हेतु जल्द से जल्द संवाद स्थापित करने की मांग की। इस बीच, रूसी और चीनी सरकारी स्रोतों ने अमेरिका और इरान के बीच बढ़ते तनाव को “क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने वाला” कहा, और दोनों पक्षों से संवाद के माध्यम से विवाद को हल करने को कहा। समग्र रूप से देखा जाए तो हॉरमुझ जलडमरूमध्य की बंदी से शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक व्यापक सुरक्षा संकट का रूप ले चुका है। अमेरिका ने अपने सैन्य बल को प्रदर्शित कर इरान को रोकने की कोशिश की, जबकि इरान ने अपना प्रभाव बनाए रखने के लिये पड़ोसी अरब देशों पर हमला किया। इस तनाव का निराकरण केवल कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव होगा, अन्यथा क्षेत्र में निरंतर युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जो वैश्विक तेल बाजार और पृथ्वी के आर्थिक तंत्र दोनों को हानि पहुँचाएगी।

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✍️ By Pradeep Yadav | 12 Jul 2026