मुंबई उच्च न्यायालय ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) नासिक मामले में निधा खान को अंतरिम anticipatory बैंडिंग देने से इनकार कर दिया। निधा खान पर टिंडर ऐप पर महिला कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट डालने और उन्हें उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। न्यायालय ने अभियोग की सच्चाई और आरोपी के अधिकारों को संतुलित करने की आवश्यकता को देखते हुए इस प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद निधा खान को अदालत के सामने पेश होने का आदेश दिया गया, जबकि उनका वकील बंधन में रहकर रक्षा तैयार कर रहा है। यह फैसला टीसीएस नासिक केस में बाद में घटित कई फ़िरों और हिंसक घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया है, जहाँ कई कर्मचारी और महिला अधिकार संगठनों ने इस मामले को बहुत संवेदनशील बताया है।